लवरोव ने कहा, "रूस-अमेरिका संबंधों में कई अड़चनें हैं, जो हमें पिछले अमेरिकी प्रशासन से विरासत में मिली हैं। इन बाधाओं को दूर करने में लंबा समय लगेगा। नए प्रशासन के आगमन के साथ हमें लगा कि वह बातचीत फिर से प्रारंभ करने के लिए तैयार है। यह जारी तो है, लेकिन उतनी गति से नहीं जितनी हमें अपेक्षा थी।"
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि वसंत ऋतु में दो दौर की वार्ता हुई, जिसमें राजनयिक मिशनों की परिचालन स्थितियों में सुधार के लिए कई समझौते हुए।
उन्होनें कहा, "हमारा मानना है कि इस बातचीत को मात्र कूटनीतिक मुद्दों तक सीमित न रखना आवशयक है। सीधे हवाई संपर्क स्थापित करने और रूसी राजनयिक संपत्ति वापस करने जैसे मुद्दों पर आगे बढ़ना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे [तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति] बराक ओबामा ने दिसंबर 2016 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले शपथग्रहण से तीन सप्ताह पहले ही छीनकर अवैध रूप से ज़ब्त कर लिया था।"
इसके अलावा, लवरोव ने बताया कि द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत जारी रखने की संभावना के लिए रूस और अमेरिका के बीच वर्तमान में कार्यकारी संपर्क चल रहे हैं।