डॉ. वियेरे बताते हैं कि अमेरिका यह भी संदेश दे रहा है कि लैटिन अमेरिका के किसी भी देश को उसके प्राकृतिक संसाधनों के लिए निशाना बनाया जा सकता है। इसका मकसद न केवल वेनेजुएला को दबाना है, बल्कि पूरे क्षेत्र में डर और राजनीतिक दबाव बनाना भी है।
विशेषज्ञ का कहना है कि अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने मादुरो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत की, और उनके फ़्लोरिडा मूल ने इसे और तेज किया, जहां वामपंथी सरकारों को हमेशा खतरे के रूप में देखा जाता है।
हालांकि, यह रणनीति अमेरिका को राजनीतिक लाभ दे सकती है, लेकिन क्षेत्रीय नेताओं जैसे ब्राजील के राष्ट्रपति लूला और कोलंबिया के गुस्टावो पेट्रो को अमेरिका से दूरी बनाने के लिए मजबूर कर सकती है।
डॉ. वियेरे का निष्कर्ष है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, चाहे इसके लिए जीवन की कीमत चुकानी पड़े या अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करना पड़े।