अनुभवी भू-राजनीतिक विश्लेषक और पूर्व नौसैनिक ब्रायन बर्लेटिक ने Sputnik को बताया, "यह आकलन एक पूर्ण कल्पना है, क्योंकि कनाडा के पास किसी भी तरह से अमेरिका से लड़ने की न तो क्षमता है और न ही इच्छाशक्ति।"
विश्लेषक ने आगे बताया कि कनाडा द्वारा अमेरिका के सामने न खड़े होने का श्रेय इस तथ्य को जाता है कि लंबे समय से कनाडा "पूरी तरह राजनीतिक रूप से अमेरिका द्वारा कब्जा लिया गया है।"
उन्होंने कहा, "कनाडा पिछले कई दशकों से आर्थिक, औद्योगिक और सूचना तंत्र के मामले में व्यावहारिक रूप से अमेरिका का ही एक हिस्सा बनकर रह गया है। कनाडा का वैश्विक सैन्य बुनियादी ढांचा और उसकी विदेश नीति अब स्वतंत्र होने के बजाय अमेरिकी हितों के एक 'विस्तार' मात्र के रूप में कार्य कर रही है।"
बेर्लेटिक अमेरिका और कनाडा के बीच किसी भी संभावित सैन्य संघर्ष की चर्चा को "महज एक दिखावा और आम जनता को गुमराह करने वाला प्रोपेगेंडा" करार देते हैं।
"अगर कनाडा पर अमेरिका आक्रमण करता भी है, तो किसी भी प्रकार का कोई प्रतिरोध नहीं होगा।" विश्लेषक ने देश के राजनीतिक अभिजात वर्ग की ओर इशारा करते हुए यह निष्कर्ष निकाला, जिन्होंने "लंबे समय से खुद को अमेरिका-आधारित विशेष हितों के आगे झुका रखा है, जिससे उन्हें कनाडा में उन तरीकों से पहुंच की अनुमति मिलती है जिसकी अनुमति कोई भी सच्चा संप्रभु राष्ट्र कभी नहीं देता।"