सैन्य परेड को संबोधित करते हुए किम ने कहा कि उत्तर कोरियाई सेना किसी भी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है और राष्ट्रीय संप्रभुता से समझौता नहीं किया जाएगा।
क्या कहा किम ने?
उत्तर कोरिया की सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी (WPK) के 9वें सम्मेलन के मौके पर आयोजित परेड में किम ने कहा, "जैसे ही कोई ताकत हमारी संप्रभुता और सुरक्षा हितों का उल्लंघन करेगी, हमारी सेना भयानक प्रतिशोध सुनिश्चित करेगी।"
उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा वैश्विक हालात में "अंतरराष्ट्रीय शांति तंत्र कमज़ोर पड़ चुका है", इसलिए देश और जनता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सेना की भूमिका सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं
किम ने कहा कि सेना केवल सीमा की सुरक्षा नहीं करती, बल्कि समाजवादी निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने सेना को राष्ट्रीय विकास के हर क्षेत्र में "प्रगति का प्रतीक" बताया।
दुश्मनों में बना रहे डर
अपने भाषण में किम ने जोर दिया कि सेना को हमेशा मजबूत और तैयार रहना होगा, ताकि विरोधी ताकतें उससे भयभीत रहें।
उन्होंने सैनिकों से "अडिग वैचारिक तैयारी" और इस्पाती अनुशासन बनाए रखने की अपील की। किम के मुताबिक, सेना को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि दुश्मन भयभीत हो जाए और उसकी लड़ने की इच्छा ही दम तोड़ दे।