ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, "दुनिया के जो देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल लेते हैं, उन्हें इस रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। हम इसमें बहुत मदद करेंगे।"
उन्होंने कहा कि अमेरिका संबंधित देशों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि सब कुछ "तेजी से और बिना रुकावट" के हो सके।
ट्रंप ने यह भी कहा कि यह काम हमेशा से मिलकर किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, "अब यह एक टीम की तरह होगा और इससे दुनिया में सामंजस्य, सुरक्षा और स्थायी शांति की दिशा में मदद मिलेगी।"
ईरान पर हमलों के बाद बढ़ा तनाव
28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में राजधानी तेहरान भी निशाने पर रही। हमलों में भारी नुकसान और नागरिकों के हताहत होने की खबरें सामने आईं।
इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल के कई इलाकों और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए।
'प्रीएम्प्टिव' हमले का दावा
अमेरिका और इज़राइल ने शुरुआत में कहा था कि यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम से पैदा खतरे को रोकने के लिए "प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक" था। हालांकि बाद में उन्होंने संकेत दिए कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन भी चाहते हैं।
खामेनेई की मौत, 40 दिन का शोक
सैन्य कार्रवाई के पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खामेनेई की हत्या को अंतरराष्ट्रीय कानून का "घोर उल्लंघन" बताया। वहीं रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए तुरंत तनाव कम करने और संघर्ष रोकने की अपील की।