रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप इस विकल्प को तेहरान के खिलाफ एक संभावित आर्थिक प्रहार के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि खरग द्वीप पर नियंत्रण स्थापित होने की स्थिति में ईरान के वित्तीय संसाधनों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि इस विषय पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही बहाल करने के प्रयास लंबा समय लेते हैं, तो स्थिति बदल सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसी कार्रवाई के लिए जमीनी सैन्य उपस्थिति जरूरी होगी और इससे ईरान की ओर से जवाबी हमलों में वृद्धि आ सकती है। विशेष रूप से फारस की खाड़ी क्षेत्र में तेल प्रतिष्ठानों और पाइपलाइनों, खासकर सऊदी अरब में, जोखिम बढ़ने की संभावना जताई गई है।