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SCO देशों की एजेंसियां 2026 में भारत में संयुक्त सूचना अभियान, चीन में साइबर ड्रिल करेंगी

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां 2026 में भारत में आतंकवादी, अलगाववादी और उग्रवादी गतिविधियों में इंटरनेट के इस्तेमाल के खिलाफ एक साझा सूचना अभियान चलाएंगी। वहीं, चीन में संयुक्त साइबर ड्रिल आयोजित की जाएगी।
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यह फैसला उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में हुई SCO की क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी संरचना (RATS) परिषद की 45वीं बैठक में लिया गया। बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई।
बैठक में भारत में एक संयुक्त सूचना अभियान चलाने पर भी सहमति बनी। यह अभियान उन संगठनों के खिलाफ होगा, जो वैश्विक सूचना क्षेत्र और सूचना-संचार तकनीक के जरिए SCO सदस्य देशों की राज्य व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश करते हैं।
बयान के मुताबिक, 2026 में चीन में सदस्य देशों के सक्षम प्राधिकरणों की ओर से संयुक्त आतंकवाद रोधी अभ्यास आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य इंटरनेट के जरिए आतंकवादी, अलगाववादी और उग्रवादी गतिविधियों की पहचान करना और उन्हें रोकना होगा।
इस साल SCO के कार्यक्रमों में पाकिस्तान में सदस्य देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की 12वीं बैठक भी शामिल है। इसके अलावा सदस्य और पर्यवेक्षक देशों की 12वीं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक-व्यावहारिक कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएगी।
बयान में यह भी कहा गया है कि 2027 में कजाकिस्तान में SCO सदस्य देशों का संयुक्त आतंकवाद रोधी अभ्यास कराया जाएगा।
SCO RATS परिषद की अगली बैठक सितंबर में पाकिस्तान में होगी।

SCO क्या है?

SCO एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 2001 में हुई थी। इसके सदस्य देश हैं– भारत, ईरान, कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस।
संगठन के साझेदार देशों में अफगानिस्तान, अजरबैजान, आर्मेनिया, बहरीन, मिस्र, कंबोडिया, कतर, कुवैत, लाओस, मालदीव, मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, तुर्किये और श्रीलंका शामिल हैं।
SCO RATS का मुख्यालय ताशकंद में स्थित है।
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