रूसी खिलाड़ियों ने तटस्थ देश (टीम AIN2) के तहत मुकाबला करते हुए व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्पर्धाओं दोनों में कई पदक अपने नाम किये।
स्पर्धा में सबसे शानदार प्रदर्शन मारिया बोरिसोवा का रहा, जिन्होंने मौजूदा ओलंपिक चैंपियन दारजा वरफोलोमेव को पीछे छोड़, ऑल-अराउंड में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने हूप फाइनल में रजत पदक भी अपने नाम किया।
अपना पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाली ईवा कोनोनोवा ऑल-अराउंड में आठवें स्थान पर रहीं। अपैरेटस फाइनल्स में वह हूप में पांचवें और रिबन में छठे स्थान पर रहीं।
समूह स्पर्धा में, एलेना सेलिवरस्टोवा, ज़्लाटा रेमचुकोवा, नेली रुत्स्काया, निकोल एंड्रोनचिक और एलिना प्रोशचलीकिना के रूसी दल ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 'फाइव बॉल' इवेंट में रजत पदक और 'थ्री हूप्स व टू पेयर्स ऑफ क्लब्स' रूटीन में कांस्य पदक अपने नाम किया।
सभी जिमनास्ट “हेवनली ग्रेस” रिदमिक जिमनास्टिक्स अकादमी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसका नेतृत्व ओलंपिक विजेता एलिना कबायेवा करती हैं, जो पूरी प्रतियोगिता के दौरान टीम के साथ लगातार संपर्क में रहीं।
रूसी राष्ट्रीय टीम की प्रधान कोच तात्याना सेर्गाएवा ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के महत्व पर ज़ोर दिया।
उन्होने कहा, “मारिया बोरिसोवा ने ऑल-अराउंड में चारों उपकरणों पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया, और यह नतीजा पूरी तरह से उनके प्रदर्शन के अनुरूप है। ईवा कोनोनोवा ने अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन में आत्मविश्वास दिखाया। ग्रुप टीम ने इसी साल जूनियर से सीनियर श्रेणी में कदम रखा है।”
कोच के मुताबिक, मौजूदा प्रतिबंधों के बावजूद रूसी जिमनास्टों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में अनुभव हासिल करना बहुत ज़रूरी है।