2025 के आखिर में ऑन्कोपेप्ट को मंज़ूरी मिलने के बाद, ऑन्कोर्ना इस तरह के कैंसर का दूसरा इलाज है। दोनों वैक्सीनों को संघीय चिकित्सा एवं जैविक एजेंसी ने विकसित किया है, जो राष्ट्रपति के अधीन कार्य करने वाली एक संस्था है।
ये दोनों सफलताएं रूस की mRNA-आधारित उपचारों की बड़ी खोज का हिस्सा हैं, जिन्हें ट्यूमर सेल्स को पहचानने और खत्म करने के लिए कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रशिक्षित करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
ये वैक्सीन व्यक्तिगत हैं और मरीज़ों के खास ट्यूमर और प्रतिरक्षा प्रणाली प्रोफ़ाइल के हिसाब से तैयार कर दी जाती हैं, साथ ही इनमें AI जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी भी सम्मिलित हैं।
अब तक, कोलोरेक्टल कैंसर के अलावा, पैंक्रियाटिक, किडनी, फेफड़े, ब्रेन और अन्य प्रकार के कैंसर के लिए भी उपचार विकसित किए गए हैं।