शनिवार को अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा रूसी तेल की खरीद से जुड़ा लाइसेंस फिर से जारी किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए दिमित्रिएव ने कहा कि रूस अमेरिका के साथ आर्थिक और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रखे हुए है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से यूरोपीय संघ और ब्रिटेन में उन ताकतों के बीच "बेहद चिंता, हंगामा और तीखी प्रतिक्रिया" देखने को मिलेगी, जो युद्ध को बढ़ावा देती हैं।
दिमित्रिएव ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, "रूसी तेल के ट्रांजिट पर प्रतिबंधों में छूट को 30 दिन और बढ़ाने का फैसला, जिसका युद्ध समर्थक ताकतों ने जोरदार विरोध किया था, पिछली बार की तरह इस बार भी रास्ते में मौजूद 10 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल को कवर करेगा।"
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने शनिवार को एक छूट को फिर से लागू किया, जिससे भारत और दूसरे देशों को जहाजों में लोड किए जा चुके रूसी तेल को खरीदने की अनुमति मिल गई। यह छूट 16 मई तक लागू रहेगा।