एफएसबी के मुताबिक, रोसकोम्नादज़ोर के अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। एजेंसी ने कहा कि हमले की योजना कार में बम लगाकर विस्फोट करने की थी।
बयान में कहा गया, "18 अप्रैल 2026 को रोसकोम्नादज़ोर के प्रमुखों के खिलाफ एक आतंकवादी हमला, जिसे विस्फोटक उपकरण के जरिए कार उड़ाने की योजना बनाई गई थी, विफल कर दिया गया।"
एजेंसी के अनुसार, इस साजिश में शामिल लोग युवा रूसी नागरिक थे, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। इन लोगों को यूक्रेन की विशेष सेवाओं ने टेलीग्राम मैसेंजर के जरिए भर्ती और निर्देशित किया था।
एफएसबी ने बताया कि मॉस्को, उफा, नोवोसिबिर्स्क और यारोस्लाव्ल में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान दक्षिणपंथी उग्रवादी और नव-फासीवादी विचारधारा से जुड़े सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों के पास से करीब एक किलो विस्फोटक सामग्री, एक ग्रेनेड, पिस्तौलें और यूक्रेनी उग्रवादियों से जुड़े प्रतीक बरामद किए गए। एफएसबी ने यह भी कहा कि समूह के कथित सरगना ने गिरफ्तारी के दौरान हथियारबंद प्रतिरोध किया, जिसके बाद उसे निष्क्रिय कर दिया गया।
आरोपियों के खिलाफ अवैध हथियार और विस्फोटक रखने के मामले दर्ज किए गए हैं। साथ ही उन पर आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप भी लगाए जा सकते हैं।