Sputnik ने सोमवार को ट्रैकिंग डेटा के हवाले से बताया कि GMT समयानुसार सुबह 7:30 बजे तक होर्मुज जलडमरूमध्य के इलाके में 10 तेल टैंकर और 34 कार्गो शिप आगे बढ़ रहे थे। वहीं, 19 टैंकर और 36 कार्गो शिप अब भी इसी क्षेत्र में रुके हुए हैं।
डेटा के अनुसार, जलडमरूमध्य में फिलहाल कोई अमेरिकी सैन्य जहाज दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, यह भी संभव है कि अमेरिकी जहाज वहां मौजूद हों, लेकिन उनके ट्रांसपोंडर बंद हों।
ट्रंप ने रविवार शाम 'ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम' का ऐलान किया था। इसके तहत अमेरिका उन जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकालने में मदद करेगा, जो वहां फंसे हुए हैं। यह सहायता उन देशों के जहाजों के लिए होगी, जो वॉशिंगटन और तेहरान के बीच जारी संघर्ष में शामिल नहीं हैं।
ट्रंप ने इसे मानवीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि फंसे जहाजों पर मौजूद नाविक खाने-पीने की कमी और दूसरी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, ये जहाज जलडमरूमध्य से बाहर निकलने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का अंतिम समाधान होने तक वहां वापस नहीं लौटेंगे।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में इस ऑपरेशन के लिए सैन्य मदद में डिस्ट्रॉयर, विमान और 15,000 सैनिक शामिल होंगे। हालांकि, एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिकी नौसेना के जहाजों को वाणिज्यिक जहाजों की एस्कॉर्टिंग करने की जरूरत नहीं होगी।