अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान: हमलों के बाद हालात बेहद गंभीर, जानें अब तक क्या-क्या हुआ

© AP Photo / Koji Sasahara
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अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के साथ टकराव अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है। तेहरान पर हमलों, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत और उसके बाद शुरू हुई जवाबी मिसाइल कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है।
स्थिति तेजी से बदल रही है और आधिकारिक बयानों का सिलसिला जारी है।
अब तक क्या ज्ञात है
ईरानी सरकार ने दावा किया है कि अमेरिका और इज़राइल के हमले में देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई।
शनिवार को तेहरान पर हुए हमले में रक्षा परिषद के सचिव एडमिरल अली शमखानी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद पाकपुर के मारे जाने की भी खबर है।
ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद और पोती की भी मौत हुई।
खामेनेई की मृत्यु की खबर के बाद हजारों लोग तेहरान के इंक़ेलाब स्क्वायर (मैदान-ए-एंगेलाब) पर शोक व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमले के बाद वॉशिंगटन के लिए तेहरान के साथ समझौता करना आसान होगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान ने जवाबी हमला किया तो अमेरिका "अभूतपूर्व शक्ति" से प्रतिक्रिया देगा।
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन और "युद्ध अपराध" बताया।
संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़्या ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान में परमाणु हथियारों की मौजूदगी की सूचना नहीं दी है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी ने घोषणा की कि नए सर्वोच्च नेता के चयन तक एक अस्थायी नेतृत्व परिषद गठित की जाएगी।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बागर ग़ालीबाफ ने कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने "लाल रेखा पार कर ली है" और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
IRGC ने "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4" के छठे चरण की शुरुआत की घोषणा की है, जिसके तहत इज़राइल और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं।
ईरान के मीनाब शहर में लड़कियों के एक प्राथमिक विद्यालय पर हमले के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 148 हो गई है।
ईरान की हालिया जवाबी कार्रवाई में तेल अवीव, दुबई और कुवैत में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों को निशाना बनाया गया।
स्थिति तेजी से बदल रही है और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों और संभावित सैन्य कदमों पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
