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हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नजर, ईरान का सबसे बड़ा दांव
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नजर, ईरान का सबसे बड़ा दांव
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अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि उसके पास जवाब देने के मजबूत विकल्प मौजूद हैं। तेल से भरपूर फ़ारस की खाड़ी का अहम रास्ता... 01.03.2026, Sputnik भारत
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इराक के प्रधानमंत्री के पूर्व रणनीतिक सलाहकार डॉ. अली मामूरी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर ईरान इस मार्ग पर दबाव बनाकर हालात बदल सकता है।रणनीति क्या हैSputnik से बातचीत में मामूरी ने कहा कि ईरान की रणनीति टकराव को लंबा खींचने और उसकी कीमत बढ़ाने की है। उनका मानना है कि तेहरान चाहता है कि अमेरिका लंबे और महंगे संघर्ष में उलझे, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप पर देश के भीतर युद्धविराम के लिए राजनीतिक दबाव बढ़े।अमेरिका और इजराइल की उम्मीदेंवहीं अमेरिका और इजराइल को उम्मीद है कि बढ़ते सैन्य दबाव से ईरान के भीतर असंतोष या राजनीतिक अराजकता पैदा हो सकती है। हालांकि अब तक ऐसे संकेत सामने नहीं आए हैं।दुनिया पर इसका कितना असर पड़ेगा?डॉ. मामूरी चेतावनी देते हैं कि अगर होर्मुज़ जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा। एशिया और यूरोप के तेल आयात पर निर्भर देश आर्थिक दबाव में आ सकते हैं।मामूरी ने जोर देकर कहा कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक के बाद एक झटके लग सकते हैं। ऊर्जा संकट, व्यापार में रुकावट और वित्तीय अस्थिरता साथ-साथ बढ़ सकते हैं।
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हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नजर, ईरान का सबसे बड़ा दांव
अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि उसके पास जवाब देने के मजबूत विकल्प मौजूद हैं। तेल से भरपूर फ़ारस की खाड़ी का अहम रास्ता हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य इस समय तेहरान के हाथ में सबसे बड़ा रणनीतिक हथियार माना जा रहा है।
इराक के प्रधानमंत्री के पूर्व रणनीतिक सलाहकार डॉ. अली मामूरी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर ईरान इस मार्ग पर दबाव बनाकर हालात बदल सकता है।
Sputnik से बातचीत में मामूरी ने कहा कि ईरान की रणनीति टकराव को लंबा खींचने और उसकी कीमत बढ़ाने की है। उनका मानना है कि तेहरान चाहता है कि अमेरिका लंबे और महंगे संघर्ष में उलझे, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप पर देश के भीतर युद्धविराम के लिए राजनीतिक दबाव बढ़े।
अमेरिका और इजराइल की उम्मीदें
वहीं अमेरिका और इजराइल को उम्मीद है कि बढ़ते सैन्य दबाव से ईरान के भीतर असंतोष या राजनीतिक अराजकता पैदा हो सकती है। हालांकि अब तक ऐसे संकेत सामने नहीं आए हैं।
दुनिया पर इसका कितना असर पड़ेगा?
डॉ. मामूरी चेतावनी देते हैं कि अगर होर्मुज़ जलडमरूमध्य लंबे समय तक बाधित रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा। एशिया और यूरोप के तेल आयात पर निर्भर देश आर्थिक दबाव में आ सकते हैं।
मामूरी ने जोर देकर कहा कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक के बाद एक झटके लग सकते हैं। ऊर्जा संकट, व्यापार में रुकावट और वित्तीय अस्थिरता साथ-साथ बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा, "अगर ईरान लंबे समय तक व्यवधान बनाए रखने में सफल रहता है, तो यह उसके विरोध पक्ष को बातचीत के लिए मजबूर करने का एक शक्तिशाली साधन बन सकता है।"