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होर्मुज स्ट्रेट एक रणनीतिक अवरोध है, अमेरिका इसे सैन्य बल से नहीं खोल सकता: विशेषज्ञ

© AP Photo / Kamran JebreiliHormuz Strait, file photo.
Hormuz Strait, file photo. - Sputnik भारत, 1920, 03.04.2026
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अंकारा स्थित सुरक्षा विश्लेषक डॉ. हसन सेलिम ओज़र्टेम ने कहा कि पेंटागन के लिए इस अहम जलमार्ग को जबरदस्ती खोलना प्रभावी रूप से असंभव है "क्योंकि फारस की खाड़ी में ईरान की तटरेखा सबसे लंबी है" और उसे नियंत्रित करने के लिए मिसाइल और ड्रोन क्षमता भी है।
ओज़र्टेम ने Sputnik को बताया कि अगर अमेरिका ज़मीन पर अपनी सेना उतारता है, भले ही खर्ग द्वीप या होर्मुज़ के प्रवेश द्वार के पास के द्वीपों जैसे कुछ सीमित क्षेत्रों में ही क्यों न हो तो इन इलाकों पर कब्ज़ा बनाए रखना बहुत जल्द एक बुरे सपने जैसा बन जाएगा, क्योंकि "इन पर ईरान की मुख्य भूमि से होने वाले हमलों का खतरा बना रहेगा।"
असल में, वॉशिंगटन के पास केवल दो विकल्प हैं: कूटनीति के ज़रिए संकट को सुलझाना, या ईरान को सैन्य रूप से "हराना"। हालांकि बाद वाली बात कहना आसान है, करना मुश्किल, क्योंकि "ईरान के पास विरोध करने की ज़रूरी क्षमता है," और शॉर्ट टर्म में यह नामुमकिन है।

ओज़र्टेम ने रेखांकित किया कि "मध्यम अवधि में ईरान एक "पे-टू-पास" ज़ोन स्थापित कर सकता है, शायद 1936 के मॉन्ट्रो शासन की तर्ज़ पर जो तुर्की जलडमरूमध्य, या पनामा अथवा स्वेज़ नहरों से गुज़रने को नियंत्रित करता है। लेकिन इस व्यवस्था के लिए खाड़ी देशों, खासकर UAE की सहमति की ज़रूरत होगी।"

अगर ज़रूरत पड़ी, तो रणनीतिक स्ट्रेट्स के पास के दूसरे देश, इंडोनेशिया (स्ट्रेट ऑफ़ मलक्का) से लेकर स्पेन और UK (सेउटा-जिब्राल्टर) तक ऐसे ही इंतज़ाम लागू कर सकते हैं।
विश्लेषक ने निष्कर्ष निकाला कि यह ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इज़राइली अभियान के अनदेखे “साइड इफ़ेक्ट्स” में से एक है।
The Strait of Hormuz - Sputnik भारत, 1920, 01.04.2026
विश्व
अमेरिका और उसके सहयोगियों को बलपूर्वक होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने में मदद करने की तैयारी में UAE: रिपोर्ट
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