बीजिंग पहुँचने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ बैठक की, इस दौरान उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में SCO में चीन की सफल अध्यक्षता का समर्थन किया।
भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "SCO विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए अपनी यात्रा के दौरान आपके साथ होना मेरे लिए हर्ष की बात है। भारत SCO में चीन की सफल अध्यक्षता का समर्थन करता है।"
उन्होंने आगे कहा कि पिछले अक्टूबर में कज़ान में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के मध्य हुई बैठक के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में लगातार सुधार हो रहा है। मुझे विश्वास है कि इस यात्रा में मेरी चर्चाएँ इसी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगी।
भारतीय विदेश मंत्री ने बताया, "हमने अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई है। कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली की भी भारत में व्यापक रूप से सराहना की जा रही है। हमारे संबंधों के निरंतर सामान्यीकरण से पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।"
भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने आगे आज की अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में बैठक के बारे में कहा कि पड़ोसी देशों और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, भारत और चीन के मध्य विचारों और दृष्टिकोणों का स्वतंत्र आदान-प्रदान बहुत महत्वपूर्ण है और वह इस यात्रा के दौरान ऐसी चर्चाओं की आशा करते हैं।
इसके अतिरिक्त भारतीय विदेश मंत्री ने सोमवार को बीजिंग में SCO महासचिव नूरलान येरमेकबायेव से भेंट कर SCO संगठन के योगदान और महत्व के साथ-साथ इसकी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने के प्रयासों पर चर्चा की।