रोसाटॉम की प्रेस सेवा ने एक बयान में कहा, "रोसाटॉम के ईंधन विभाग ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की यूनिट-3 में VVER-1000 रिएक्टर कोर की शुरुआती लोडिंग के लिए नाभिकीय ईंधन की आपूर्ति पूरी कर ली है।"
ईधन को रूसी नोवोसिबिर्स्क केमिकल कंसंट्रेट्स प्लांट ने तैयार किया था।
बयान में कहा गया, "कुडनकुलम परमाणु प्लांट की तीसरी यूनिट VVER-1000 रिएक्टर के साथ ऐसी पहली इकाई होगी, जो शुरू होते ही 18 महीने के लंबे ईंधन चक्र पर काम करेगी। यह रूस और भारत के बीच सफल तकनीकी सहयोग का नतीजा है। इस खास तकनीक का सफल परीक्षण पहले रूस और चीन के रिएक्टरों में किया जा चुका है, और अब इसे भारत में बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनाया जा रहा है।"
इससे पहले रूसी राज्य परमाणु कंपनी रोसाटॉम ने घोषणा की थी कि भारत और रूस नई उच्च एवं निम्न क्षमता वाले परमाणु ऊर्जा संयंत्र (NPP) की परियोजनाओं पर काम करेंगे तथा परमाणु ईंधन चक्र में सहयोग करेंगे।