व्यापार और अर्थव्यवस्था

रूस में पश्चिमी कंपनियों की जगह ले सकता है भारतीय बिज़नेस: IBA प्रमुख

रूस में भारतीय कंपनियां उन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी में हैं, जो पश्चिमी कंपनियों के हटने के बाद खाली हुए हैं। यह बात रूस में इंडियन बिज़नेस अलायंस (IBA) के अध्यक्ष सैमी कोटवानी ने Sputnik से बातचीत में कही।
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उनके मुताबिक रूस एक विशाल उपभोक्ता बाज़ार है, जहां कई क्षेत्रों में मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन बना हुआ है। पश्चिमी कंपनियों के जाने से उपभोक्ता वस्तुओं और औद्योगिक उत्पादों के लिए नई संभावनाएं पैदा हुई हैं, जिनमें भारतीय कंपनियां सक्रिय रूप से प्रवेश करना चाहती हैं।
कोटवानी ने यह भी बताया कि रूस में भारतीय फार्मास्यूटिकल उत्पादों, सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं और उपभोक्ता वस्तुओं को लेकर खास दिलचस्पी देखी जा रही है।
हालांकि, रूसी बाज़ार में प्रवेश के रास्ते में कुछ व्यावहारिक चुनौतियां भी हैं। IBA प्रमुख के मुताबिक बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी दिक्कतें, लॉजिस्टिक्स की सीमाएं और आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रियाएं भारतीय कंपनियों के लिए मुख्य बाधाएं बनी हुई हैं।
इससे पहले दिसंबर की शुरुआत में भारत दौरे के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि भारत और रूस के बीच व्यापारिक सहयोग दोनों देशों के संबंधों की मज़बूत नींव हैं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार संतुलन में भारत की बढ़त को ध्यान में रखते हुए रूस भारत से आयात बढ़ाने के लिए तैयार है।
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