रोड्रिगेज ने बताया कि जब वेनेजुएला पर हमला हो रहा था और हालात बेहद गंभीर थे, उसी समय कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद बिन खलीफा अल थानी, उनकी सरकार और प्रधानमंत्री ने मिलकर यह सुनिश्चित करने में मदद की कि राष्ट्रपति और प्रथम महिला के सुरक्षित होने की पुष्टि मिल सके।
रोड्रिगेज ने यह भी कहा कि कतर के अमीर ने अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बातचीत का रास्ता खोलने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "मुझे विश्वास है कि वो ऐसे व्यावहारिक मुद्दों पर भी मदद कर रहे हैं, जिनसे अंतरराष्ट्रीय क़ानून और सम्मान बना रहे और हमारी संप्रभुता व स्वतंत्रता को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों को लाभ हो।"
गौरतलब है कि 3 जनवरी को अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़ा हमला किया था, जिसके दौरान राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाया गया। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके खिलाफ कथित "नार्को-आतंकवाद" से जुड़े आरोपों में मुकदमे की घोषणा की थी।
इसके बाद वेनेजुएला के सर्वोच्च न्यायालय ने अस्थायी रूप से राष्ट्रपति के कर्तव्य उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज़ को सौंप दिए। 5 जनवरी को उन्होंने राष्ट्रीय विधानसभा के समक्ष कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
रूस, चीन और उत्तर कोरिया ने अमेरिका की कार्रवाई की निंदा की थी और राष्ट्रपति मादुरो व उनकी पत्नी की रिहाई की मांग की थी।