भारत-रूस संबंध
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भारत के क्षेत्रीय मंच भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को दे रहे बढ़ावा: रूसी व्यापार प्रतिनिधि

रूस के व्यापार प्रतिनिधि आंद्रेई सोबोलेव ने कहा कि भारत के क्षेत्रीय मंचों में रूस की भागीदारी को गैर संसाधन व्यापार को बढ़ावा देने और सहयोग को मज़बूत करने के लिए बहुत ज़रूरी माना जाता है।
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भारत में रूस के व्यापार प्रतिनिधि के तत्वावधान में एक रूसी प्रतिनिधिमंडल ने 11-12 जनवरी को गुजरात के राजकोट शहर में हुई क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस "वाइब्रेंट गुजरात" में हिस्सा लिया।
इस प्रतिनिधिमंडल में रूस की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे, जो वित्त और बैंकिंग, धातु उद्योग, पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। इन कंपनियों की खास रुचि गुजरात में चल रही और प्रस्तावित अवसंरचना तथा औद्योगिक परियोजनाओं में सहयोग और निवेश को लेकर थी।

सोबोलेव ने कहा, "हमारे सामने व्यापार में और विविधता लाने और गैर-कमोडिटी और गैर-ऊर्जा सामानों की हिस्सेदारी बढ़ाने का काम है। 'वाइब्रेंट गुजरात' जैसे क्षेत्रीय प्रारूप खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि राज्य स्तर पर ही खास औद्योगिक और निवेश परियोजनाएं बनाई जाती हैं। हम राजकोट में होने वाले कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ ही सूरत और वडोदरा में होने वाले कार्यक्रमों में भागीदारी क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने और भारत में रूसी व्यापार के हितों को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण तत्व के रूप में देखते हैं।"

सोबोलेव ने दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों की बढ़ती भूमिका और धातु कर्म, तेल परिशोधन, मशीनरी, आईटी, जहाज निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र में भारतीय साझेदारों को खोजने में रूसी कंपनियों की गहरी दिलचस्पी का भी ज़िक्र किया।
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