क्रेडेंशियल पेश करने की एक आधिकारिक समारोह में पुतिन ने कहा, “आज की जटिल और एक-दूसरे से जुड़ी दुनिया में वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा, देशों के प्रभावी तरीके से मिलकर काम करने की क्षमता से सीधे तौर पर जुड़ी है।”
पुतिन के मुताबिक, देशों के बीच खुले और ईमानदार सहयोग से कठिन से कठिन समस्याओं को भी हल करने के रास्ते निकलते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया भर में हालात तेजी से अस्थिर होते जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शांति अपने आप नहीं आती; इसे हर दिन मेहनत और प्रयास से कायम रखा जाता है।
पुतिन ने आगे कहा, “दुनिया के कई देश आज अपने संप्रभु अधिकारों के उल्लंघन, अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। उनके पास अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन और क्षमता नहीं है।”
व्लादिमीर पुतिन के अन्य प्रमुख बयान:
रूस बहुध्रुवीय (मल्टीपोलर) विश्व व्यवस्था के सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रूस ने हमेशा संतुलित और रचनात्मक राजनीतिक दृष्टिकोण अपनाया है और आगे भी इसे जारी रखेगा।
किसी एक देश की सुरक्षा, दूसरे देशों की कीमत पर सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
सुरक्षा वास्तव में व्यापक, समान और अविभाज्य होनी चाहिए।
रूस के वैध हितों की अनदेखी ने ही यूक्रेन संकट को जन्म दिया।