अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग्स के मामले में जापान का दबदबा बरकरार है, किंतु चीन द्वारा अपने विदेशी मुद्रा भंडार की रणनीति में बदलाव किए जाने के कारण अब वह शीर्ष दो देशों की सूची से बाहर हो गया है।
इसी दौरान, यूरोपीय देशों और अमेरिका के अन्य करीबी सहयोगियों ने अमेरिका में अपना निवेश बढ़ा दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि वॉशिंगटन अब अपने दुश्मनों के बजाय सिर्फ अपने सहयोगियों की पूंजी पर ही ज़्यादा निर्भर हो रहा है।
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