पोलिशचुक ने कहा, "जुलाई 2025 में रूस ने द्विपक्षीय युद्धविराम निगरानी केंद्र और तीन कार्य समूह बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन कीव ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।“ रूस ने वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल का स्तर बढ़ाने की इच्छा भी जताई है। पोलिशचुक ने स्पष्ट किया कि "अब आगे बढ़ने की ज़िम्मेदारी यूक्रेन की है।"
पोलिशचुक ने जोर देकर कहा कि मास्को वार्ता के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कीव के उन दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें बातचीत को 'बेअसर' बताया गया था। नवंबर 2025 में यूक्रेन ने 'ठोस प्रगति' न होने का बहाना बनाकर इस्तांबुल वार्ता रोक दी थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पोलिशचुक ने कहा कि ऐसी दलीलें 'तथ्यों से कोसों दूर और बेबुनियाद' लगती हैं।
इससे पहले, रूस और यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में तीन दौर की प्रत्यक्ष वार्ता हुई थी। इस बातचीत के सकारात्मक परिणाम स्वरूप दोनों देशों के बीच युद्धबंदियों की अदला-बदली हुई, मारे गए यूक्रेनी सैनिकों के शवों का हस्तांतरण किया गया और एक संभावित शांति समझौते के मसौदे का आदान-प्रदान भी हुआ।