रयाबकोव ने पत्रकारों से कहा, "[US राष्ट्रपति डोनाल्ड] ट्रंप प्रशासन तेहरान को संकेत भेज रहा है कि समझौते पर पहुंचने का मौका अभी भी है, लेकिन यह दूसरी बात है कि किस आधार पर और किन शर्तों पर। मेरी राय में, जो प्रस्ताव दिया जा रहा है, वह तेहरान को चेतावनी जैसा है।"
वहीं दूसरी तरफ पिछले महीने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया गया था कि अमेरिकी साझेदार भी मध्य पूर्व में युद्ध की हालातों को पनपने नहीं देना चाहते हैं क्योंकि ईरान पर US का हमला एक बड़े इलाके में लड़ाई शुरू कर सकता है।
इसके साथ साथ अमेरिका की साझेदार माने जाने वाले सऊदी अरब और UAE ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे ईरान पर हमले के लिए अपने वायु क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं होने देंगे।