एक्सियोस ने पहले रिपोर्ट किया था कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शुक्रवार को इस्तांबुल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मिलेंगे और दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करेंगे।
इस बीच मंगलवार को Ynet न्यूज़ पोर्टल ने रिपोर्ट किया कि विटकॉफ प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत के लिए इज़राइल पहुंचे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि नेतन्याहू विटकॉफ को यह समझाने की कोशिश करेंगे कि ईरान के साथ सीमित समझौता करना एक गलती होगी।
अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा, "इज़राइल अमेरिका से मांग कर रहा है कि ईरान के साथ समझौते में देश से समृद्ध यूरेनियम को हटाने, बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन सीमित करने और [क्षेत्रीय] प्रॉक्सी को समर्थन देना बंद करना सम्मिलित हो... नहीं तो, इज़राइल सरकार को हटाने के लिए हमले का समर्थन करेगा।"
जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि एक "बहुत बड़ा बेड़ा" ईरान की ओर जा रहा है और उन्होंने उम्मीद जताई कि तेहरान बातचीत करने और परमाणु हथियारों को पूरी तरह छोड़ने वाली एक "निष्पक्ष और बराबरी की" डील पर सहमत होगा और उस पर हस्ताक्षर करेगा। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं हुआ, तो भविष्य में अमेरिका का उस देश पर कोई भी हमला पिछले हमलों से "कहीं ज़्यादा बुरा" होगा।