क्रास्निकोव ने कहा, "आज, जब ड्रोन की बात आती है, तो UAV 'झुंड' पर ज़ोर दिया जाता है। बेशक, यह पहले से ही एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि एक ऑपरेटर आमतौर पर एक और ज़्यादा से ज़्यादा दो ड्रोनों को नियंत्रण कर सकता है, जबकि कोई भी ऑपरेटर एक झुंड को कंट्रोल नहीं कर पाएगा।”
उनके अनुसार, भविष्य इसी क्षेत्र में है।
उन्होंने बताया कि ड्रोन को एक खास काम दिया जाता है, लेकिन हालात के हिसाब से एल्गोरिदम यह तय करता है कि टक्कर से कैसे बचते हुए एक तय दूरी कैसे रखने के साथ साथ मकसद को अच्छे से कैसे पूरा किया जाए।
क्रास्निकोव ने कहा, "हमारे वैज्ञानिक गणितीय एल्गोरिदम के विकास में ज़रूरी काम कर रहे हैं, जो ऑटोनॉमस चीज़ों के बीच स्थानीय इंटरैक्शन का इस्तेमाल कर उन्हें बिना इंसानी नियंत्रण के बड़े काम पूरे करने में मदद करते हैं। यह एक रुझान है और ऐसा काम पूरी दुनिया में किया जा रहा है।"