अमेरिका स्थित अटलांटिक काउंसिल का मानना है कि ईरान के पावर ग्रिड, रिफाइनरियों और डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले की धमकियों का सैन्य क्षमताओं पर मामूली असर होगा, जबकि आम नागरिक बुरी तरह प्रभावित होंगे।
रिपोर्ट में कहा गया, "ईरान के जल शोधन संयंत्रों पर हमला करने से ईरान की आम आबादी में तुरंत बीमारी, भूख और प्यास का संकट पैदा हो जाएगा।"
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि ईरानी नागरिक संरचनाओं को निशाना बनाने से पूरे इलाके में अस्थिरता पैदा होने का खतरा है। वहीं खाड़ी देश, जो पीने के पानी के लिए मुख्य रूप से डीसेलिनेशन पर निर्भर हैं, अगर तनाव बढ़ता है तो कुछ ही दिनों में पानी की भारी कमी का सामना कर सकते हैं।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है, "ईरान की नागरिक ऊर्जा ढांचे और जल शोधन संयंत्रों को नष्ट करने से संघर्ष और बढ़ेगा।"
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्रुथ सोशल पर कई बार ईरान को उसकी नागरिक संरचनाओं पर हमले करने की धमकी दे चुके हैं।