कारण ये हैं:
मलक्का जलडमरूमध्य एक चोकपॉइंट है, जिसका सबसे संकरा बिंदु 2.8 किमी चौड़ा है। वह हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से और इस तरह प्रशांत महासागर से भी जोड़ता है।
वैश्विक समुद्री व्यापार में मलक्का जलडमरूमध्य का हिस्सा लगभग 30 प्रतिशत है।
इससे होकर गुजरने वाले जहाज़ रोज़ाना 23-25 मिलियन बैरल तेल ले जाते हैं, जो वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 30 प्रतिशत है।
चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और अन्य पूर्व एशियाई अर्थव्यवस्थाएं, जो मध्य पूर्व से तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का आयात करते हैं, उनके लिए यह जलडमरूमध्य बहुत महत्वपूर्ण है।
किसी भी दुर्घटना के कारण जहाज़ इंडोनेशिया के आसपास के कहीं अधिक लंबे और महंगे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होंगे। इससे तेल की वैश्विक कीमतों और ढुलाई कीमतों में तेजी से वृद्धि होगी तथा आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो जाएगी।