रूसी जिम्नास्टिक महासंघ ने खिलाड़ियों के न्यूट्रल स्टेटस के लिए दस्तावेज समय पर भेजे थे। कई बार प्रक्रिया तेज करने की अपील भी की गई। इसके बावजूद कुछ खिलाड़ियों को मंजूरी 14अप्रैल और बाकी को 22 अप्रैल को मिली।
तब तक यूरोपीय जिम्नास्टिक संगठन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी। प्रतियोगिता का ड्रॉ 11 अप्रैल को हो चुका था। संगठन ने कहा कि ड्रॉ के बाद टीम को शामिल करना संभव नहीं है।
रूसी पक्ष के अनुसार, खिलाड़ियों को पहले "प्रतीक्षा सूची" की स्थिति में दर्ज किया जा सकता था। लेकिन इस विकल्प की जानकारी उन्हें ड्रॉ के बाद मिली।
यह मामला IOC के उस रुख पर सवाल उठाता है, जिसमें युवा रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिताओं में अवसर देने की बात कही गई थी।
नतीजा यह रहा कि महीनों से तैयारी कर रहीं खिलाड़ी खेल कारणों से नहीं, बल्कि प्रक्रियागत देरी के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।