एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की मांग है कि सबसे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी हटाने, ईरान और लेबनान में युद्ध खत्म करने और समुद्री आवाजाही को लेकर नया सिस्टम बनाने पर समझौता हो। इसके बाद ही परमाणु कार्यक्रम पर अलग से बातचीत शुरू की जाएगी।
ईरानी मीडिया की मानें तो अमेरिका और इजराइल के साथ शांति समझौते के लिए तेहरान ने 14 पॉइंट का प्रस्ताव दिया है। इसमें ईरान को मुआवजा देने की मांग भी शामिल है।
रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने Sputnik से कहा कि ईरान कई बार साफ कर चुका है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता। उन्होंने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है और यह देश की सुरक्षा नीति व सर्वोच्च नेता के फतवे के अनुरूप है।
अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए थे। इन हमलों में 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसके बाद 8 अप्रैल को वॉशिंगटन और तेहरान ने युद्धविराम का ऐलान किया।
इस्लामाबाद में हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, लेकिन लड़ाई फिर शुरू होने की खबर नहीं है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी है। मध्यस्थ अब बातचीत का नया दौर शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं।