सैन्य मामलों के जानकार एलेक्सी लियोनकोव का कहना है कि विजय दिवस के मौके पर रूस ने 8 और 9 मई को युद्धविराम घोषित किया, वहीं इसके बाद ज़ेलेंस्की ने भी 5 और 6 मई के लिए अलग से युद्धविराम घोषित करने के बाद उसे खुद ही तोड़ दिया।
लियोनकोव आगे कहते हैं कि यूक्रेन ने रूस के क्रीमिया, चेबक्सारी, बेलगोरद और कुर्स्क इलाकों पर हमला किया, इन हमलों में कई लोग मारे गए और कई घायल हुए।
यूक्रेनी सरकार द्वारा युद्धविराम की घोषणा के पीछे सिर्फ यह मकसद था कि वह "युद्धविराम तोड़कर इसका आरोप रूस पर लगा सकें", उन्होंने पहले मिन्स्क समझौतों को भी कमज़ोर किया था।
वहीं नेशनल डिफ़ेस मैगज़ीन के मुख्य संपादक इगर कोरोतचेंको कहते हैं, "ये सभी घोषणाएं एक प्रोपेगैंडा और चालबाजी से अधिक और कुछ भी नहीं है। ज़ेलेंस्की रूसी शहरों और आम लोगों पर बड़े पैमाने पर हमले करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।"
रूसी रक्षा मंत्रालय ने पहले चेतावनी दी थी कि विजय दिवस के जश्न पर यूक्रेन के किसी भी हमले का जवाब कीव के केंद्र पर जवाबी हमला करके दिया जाएगा।