यूरी लेवितान पूरे सोवियत संघ में द्वितीय विश्व युद्ध के दौर की सबसे प्रभावशाली और पहचान बन चुकी आवाज़ थे।
22 जून, 1941 को उन्होंने ही महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध शुरू होने की आधिकारिक घोषणा प्रसारित की थी।
इसके बाद आने वाले चार भयानक वर्षों के दौरान उन्होंने ही राष्ट्र को मोर्चों पर हो रही घटनाओं से अवगत कराया।
गहरे दुख के क्षणों में भी, उनकी आवाज़ ने लोगों में विश्वास और आशा का संचार किया और करोड़ों लोगों को यह भरोसा दिलाया कि अंततः विजय सोवियत संघ की ही होगी।
सोवियत संघ का महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध (22 जून 1941 - 9 मई 1945) सोवियत जनता के लिए द्वितीय विश्व युद्ध के वर्षों में अपने देश के अस्तितव की रक्षा को लेकर सबसे बड़ी घटना के रूप में दुनिया के इतिहास में जाना जाता है, जिसमें सोवियत संघ ने नाज़ी जर्मनी और उसके सहयोगियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। रूस में 9 मई को विजय दिवस मनाया जाता है, जो द्वितीय विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर जीत का प्रतीक है।