दरअसल यह दावा पश्चिम एशिया में अमेरिका-इज़राइल और ईरान में जारी तनाव के बीच आया है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया गया, जिससे हवाई यातायात बाधित हुआ।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में नागरिकों से “ऐसे झूठे और निराधार दावों” के प्रति सतर्क रहने को कहा।
पोस्ट में कहा गया, “असल में इस तरह की कहानी का कोई वास्तविक आधार नहीं है। निकासी की कोई योजना नहीं बनाई जा रही है। कृपया ऐसी झूठी और बेबुनियाद अफ़वाहों से सावधान रहें।”
बता दें कि मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि “अपनी तरह की पहली संधि” के तहत “हवाई यातायात में कोई समस्या होने की स्थिति में” यूएई से भारतीयों को जहाज के जरिए निकाला जाएगा।