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मध्य पूर्व युद्ध के कारण $300B का तेल खर्च बढ़ने की संभावना

विशेषज्ञ के अंदाजे के मुताबिक ज़्यादातर अधिक निवेश लगभग $185 बिलियन फ़ारस की खाड़ी में जाएगा, हालांकि दूसरे तेल बनाने वाले इलाकों को भी फ़ायदा हो सकता है।
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कासटकिन कंसल्टिंग के मैनेजिंग पार्टनर दिमित्री कासटकिन ने Sputnik को बताया कि मध्य पूर्व का संघर्ष दुनिया भर के तेल उत्पादन निवेश में तेज़ी ला सकता है।
उन्होंने साफ़ किया कि इसका असर तेल कुओं से जुड़ी सेवाओं पर मिला-जुला पड़ेगा, और यह सिर्फ़ बढ़ती कीमतों तथा बढ़े हुए निवेश से होने वाली विकास तक सीमित नहीं रहेगा।

दिमित्री कासटकिन ने कहा, “हमारा अनुमान है कि संघर्ष से जुड़े अतिरिक्त खोज और उत्पादन क्षेत्र में निवेश अगले पाँच सालों में लगभग $300 बिलियन होगा, जो संघर्ष से पहले के अनुमान की तुलना में 10% ज़्यादा है।”

थोड़े समय के लिए, ईरान पर युद्ध से क्षेत्रीय अभियान में रुकावट के वजह से कर्मचारी, सामान की आपूर्ति, बीमा और माल परिवहन व्यवस्था के लिए खतरा बढ़ेगा।
हालांकि, मध्यम अवधि में, तेल की ज़्यादा कीमतें ऊर्जा कंपनियों को ड्रिलिंग, रख रखाव और उत्पादन उन्नत करने पर ज़्यादा खर्च करने के लिए बढ़ावा देंगी।

US शेल तेल-गैस की खुदाई, कुओं की मरम्मत, उच्च दबाव से चट्टानों को तोड़ने की तकनीक और भूमिगत ड्रिलिंग उपकरण जैसे जल्दी फ़ायदा देने वाले परियोजनाओं को सबसे ज़्यादा फ़ायदा होने की संभावना है।

जानकार का कहना है कि ज़्यादा मांग ज़्यादा मुनाफ़े की गारंटी नहीं देती हालांकि ठेकेदारों की आय बढ़ सकती है, लेकिन उपकरण, ईधन, बीमा और कर्ज़ की लागत उनके मुनाफे को कम कर सकती है, उन्होंने आगे यह भी कहा कि तेल कुओं से जुड़ी सेवा क्षेत्र पर दबाव 2026 तक उत्पादन वृद्धि को धीमा कर सकता है।
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