The launch of a Yars intercontinental ballistic missile during a training exercise of strategic nuclear forces involving their ground, sea, and air components. - Sputnik भारत

न्यू स्टार्ट संधि: परमाणु सीमाओं की ओर रूस-अमेरिका का मार्ग

न्यू स्टार्ट क्या है?
न्यू स्टार्ट रूस और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय समझौता है, जो दोनों देशों के परमाणु शस्त्रागार के आकार को विनियमित करता है। इसका पूरा नाम है रणनीतिक आक्रामक हथियारों में और अधिक कटौती तथा सीमांकन के उपायों पर संधि (रूसी: डिएसएनवी; अंग्रेज़ी: New START — Strategic Arms Reduction Treaty)।
New START Treaty in Details
न्यू स्टार्ट किन हथियारों को सीमित करता है
संधि का मुख्य विषय रणनीतिक आक्रामक हथियार हैं:
1

परमाणु वारहेड;

2

उनके वाहक (बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलें, विमानन बम);

3

डिलीवरी प्रणालियां (चलित और स्थिर प्रक्षेपण परिसर, भारी बमवर्षक), जिन्हें अंतरमहाद्वीपीय दूरी (5500 किमी से अधिक) पर शत्रु के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। इनमें शामिल हैं:

अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (अमेरिकी Minuteman II–III, Peacekeeper; रूसी “टोपोल” परिवार के मिसाइल परिसर, तरल ईंधन वाली ICBM, R-36M, RS-24 “यार्स”), उनके प्रक्षेपक और वारहेड;

पनडुब्बी-आधारित बैलिस्टिक मिसाइलें और उनके वाहक (अमेरिकी Trident-II तथा रूसी R-29R, R-39, R-39RM और R-30);

रमाणु हथियार ले जाने में सक्षम भारी बमवर्षक (रूसी Tu-95MS और Tu-160; अमेरिकी B-52G, B-52H, B-1B और B-2A)।

संधि ने स्पष्ट सीमाएं निर्धारित कीं
1

अधिकतम 700 तैनात वाहक;

2

उन पर अधिकतम 1550 तैनात परमाणु वारहेड;

3

अधिकतम 800 तैनात और गैर-तैनात प्रक्षेपक तथा भारी बमवर्षक।

इस प्रकार, संधि ने पक्षों को अपनी परमाणु त्रयी के घटकों का अनुपात स्वतंत्र रूप से निर्धारित करने की अनुमति दी। संधि में सामरिक (टैक्टिकल) परमाणु हथियार, मिसाइल-रोधी रक्षा प्रणालियाँ और गैर-परमाणु रणनीतिक हथियार (जैसे हाइपरसोनिक मिसाइलें) शामिल नहीं थे।
नियंत्रण द्विपक्षीय परामर्श आयोग और निरीक्षण व्यवस्था के माध्यम से किया जाता था।
संधि का संक्षिप्त इतिहास
संधि पर 8 अप्रैल 2010 को प्राग में रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव और अमेरिका के भूतपूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हस्ताक्षर किए। इसने पूर्ववर्ती समझौतों (START-I और SORT) का स्थान लिया और रणनीतिक स्थिरता की आधारशिला बनी।
Then-US President Barack Obama and then-Russian President Dmitry Medvedev after signing the New START Treaty at Prague Castle on April 8, 2010. - Sputnik भारत
Then-US President Barack Obama and then-Russian President Dmitry Medvedev after signing the New START Treaty at Prague Castle on April 8, 2010.
अनुपालन और अमेरिका द्वारा कथित उल्लंघन
दोनों पक्षों ने 2018 तक अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया। न्यू स्टार्ट की अवधि दस वर्ष थी, जिसमें एक बार पाँच वर्ष के विस्तार का प्रावधान था; यह विस्तार 2021 में किया गया।
फरवरी 2023 में रूस ने अमेरिका द्वारा उल्लंघनों के कारण संधि में अपनी भागीदारी को निलंबित करने की घोषणा की।
A US Air Force B-52 bomber flies over Training Range in Pabrade during a military exercise 'Iron Wolf 2016' some 60km.(38 miles) north of the capital Vilnius, Lithuania, Thursday, June 16, 2016. (AP Photo/Mindaugas Kulbis) - Sputnik भारत
A US Air Force B-52 bomber flies over Training Range in Pabrade during a military exercise 'Iron Wolf 2016'
न्यू स्टार्ट पर चीन की स्थिति
चीन ने यह कहते हुए संधि में शामिल होने से इनकार किया कि उसके परमाणु शस्त्रागार का आकार रूस और अमेरिका की तुलना में कहीं छोटा है। बीजिंग ने स्पष्ट किया कि वह तभी भागीदारी पर विचार करेगा, जब रूस और अमेरिका अपने परमाणु भंडार को चीनी स्तर तक घटाएँगे, यानी लगभग 20 गुना कमी के बाद।
The upper stage of the newly upgraded DF-5B Chinese intercontinental ballistic missile, as seen after the military parade held in Beijing on September 3, 2015 - Sputnik भारत
The upper stage of the newly upgraded DF-5B Chinese intercontinental ballistic missile, as seen after the military parade held in Beijing on September 3, 2015
संधि का विस्तार और संकट
ट्रंप प्रशासन के दौरान अनिश्चितता के बाद, फरवरी 2021 में बाइडन प्रशासन ने बिना किसी बदलाव के संधि को 5 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया। हालांकि, यूक्रेन में रूसी विशेष सैन्य अभियान की शुरुआत के बाद संवाद बाधित हो गया।
महामारी के कारण पहले निलंबित की गई निरीक्षण गतिविधियाँ दोबारा शुरू नहीं हो सकीं, जिनका एक कारण प्रतिबंधों से जुड़े अवरोध थे—हवाई क्षेत्र का बंद होना और अमेरिकी पक्ष द्वारा रूसी निरीक्षकों को वीज़ा न दिया जाना।
रूस द्वारा भागीदारी की निलंबन और उसके कारण
31 जनवरी 2023 को अमेरिका ने रूस पर संधि के उल्लंघन का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि रूस ने अपने ठिकानों पर निरीक्षण की अनुमति नहीं दी और परामर्श बैठकों को टाल दिया।
21 फरवरी 2023 को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संधि में रूस की भागीदारी को निलंबित करने की घोषणा की (लेकिन संधि से बाहर निकलने की नहीं)। राष्ट्रपति पुतिन ने यह भी कहा कि अमेरिका में अपने परमाणु हथियारों के वास्तविक परीक्षणों की संभावना पर विचार किया जा रहा है, विशेष रूप से इस संदर्भ में कि अमेरिका में नए प्रकार के परमाणु वारहेड विकसित किए जा रहे हैं।
President Putin Announces Russia’s Withdrawal from the New START Treaty
रूस के संधि से बाहर आने के कारण:
1

यूक्रेन को पश्चिमी और अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति तथा रूसी रणनीतिक विमानन ठिकानों पर हमलों में पश्चिम की सहायता;

2

अमेरिका और नाटो द्वारा खुले तौर पर रूस को रणनीतिक रूप से पराजित करने के लक्ष्य की घोषणा;

3

न्यू स्टार्ट पर किसी भी संभावित पुनःवार्ता में फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के शस्त्रागार की संयुक्त आक्रामक क्षमता को ध्यान में रखने की आवश्यकता;

4

संधि के तहत निरीक्षणों के संचालन में अमेरिका द्वारा उत्पन्न बाधाएं।

रूस द्वारा भागीदारी निलंबित किए जाने के बाद अमेरिका की कार्रवाइयां
1

जून 2023 से अमेरिका ने रूस के साथ अपने परमाणु हथियारों से संबंधित डेटा का आदान-प्रदान बंद कर दिया।

2

जून 2023 में अमेरिका ने रूस को “कम्पार्टमेंटलाइज़ेशन” के आधार पर संवाद का प्रस्ताव दिया, यानी उन अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से अलग रखते हुए, जिन पर मास्को और वाशिंगटन के बीच मतभेद हैं। रूस ने इस प्रारूप को अस्वीकार कर दिया। उसी वर्ष सितंबर में अमेरिका ने बिना किसी पूर्व शर्त के न्यू स्टार्ट पर चर्चा के लिए तैयार होने की घोषणा की।

3

जनवरी 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस, अमेरिका और चीन के परमाणु शस्त्रागार में कटौती का समर्थन किया और चीन के साथ हुई बातचीत का उल्लेख किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह वार्ता प्रक्रिया में शामिल हो सकता है।

4

जुलाई 2025 में ट्रंप ने रूस और अमेरिका के परमाणु क्षमताओं को सीमित करने पर काम शुरू करने की घोषणा की। एक महीने बाद, अगस्त में, राष्ट्रपति पुतिन ने भी अमेरिका के साथ न्यू स्टार्ट पर बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना से इनकार नहीं किया।

वर्तमान स्थिति और संभावनाएं
सितंबर 2025 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस संधि की अवधि समाप्त होने (5 फरवरी 2026) के बाद भी एक वर्ष तक उसकी सीमाओं का पालन करने के लिए तैयार है, लेकिन केवल अमेरिका की ओर से पारस्परिकता की शर्त पर।
September 22, 2025, Putin Says Russia Ready to Uphold START Treaty Limits for One More Year
इस पहल का अमेरिका ने सकारात्मक मूल्यांकन किया, लेकिन फरवरी 2026 की शुरुआत तक वाशिंगटन की ओर से कोई आधिकारिक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ था।

पेस्कोव: न्यू स्टार्ट पर निर्णय लेने का समय दिन प्रतिदिन कम होता जा रहा है; "कुछ ही दिनों में दुनिया पहले से अधिक खतरनाक स्थिति में पहुंच सकती है।"

Deputy Foreign Minister Sergey Ryabkov on the Causes of the New START Crisis
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