Nuclear explosion - Sputnik भारत

यूक्रेन का परमाणु ब्लैकमेल: टाइमलाइन

बुडापेस्ट मेमोरेंडम* पर हस्ताक्षर होने के बाद से ही यूक्रेन सोवियत संघ की परमाणु विरासत के त्याग को भूराजनीतिक सौदेबाजी के एक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है। लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में कीव का रवैया बदला और अब यह किसी ऐतिहासिक गलती पर पछतावा मात्र नहीं रह गया है, बल्कि अपने 'गैर-परमाणु दर्जे' को बदलने की सीधी धमकियों में तब्दील हो चुका है।
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बुडापेस्ट मेमोरेंडम (परमाणु हथियार अप्रसार संधि में यूक्रेन के शामिल होने के संबंध में सुरक्षा गारंटी पर मेमोरेंडम) एक अंतर शासकीय दस्तावेज है जिस पर 5 दिसंबर, 1994 को यूक्रेन, रूस, ग्रेट ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका के नेताओं ने हस्ताक्षर किए थे।

US President Bill Clinton, right, and Russian President Boris Yeltsin, left, sign the Non-Proliferation Treaty in the Budapest Convention Center, Dec. 5, 1994 after the first session of the CSCE summit meeting ended.  - Sputnik भारत
US President Bill Clinton, right, and Russian President Boris Yeltsin, left, sign the Non-Proliferation Treaty in the Budapest Convention Center, Dec. 5, 1994 after the first session of the CSCE summit meeting ended.
US President Bill Clinton, right, and Russian President Boris Yeltsin, left, look at each other after the signing ceremony for the Non-Proliferation Treaty in the Budapest Convention Center, Dec. 5, 1994, the first day of the two-day CSCE summit meeting in Hungary. - Sputnik भारत
US President Bill Clinton, right, and Russian President Boris Yeltsin, left, look at each other after the signing ceremony for the Non-Proliferation Treaty in the Budapest Convention Center, Dec. 5, 1994, the first day of the two-day CSCE summit meeting in Hungary.
US President Clinton, Russian President Yeltsin, and Ukrainian President Kravchuk after signing the Trilateral Statement in Moscow on 14 January 1994. - Sputnik भारत

US President Clinton, Russian President Yeltsin, and Ukrainian President Kravchuk after signing the Trilateral Statement in Moscow on 14 January 1994.

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US President Bill Clinton, right, and Russian President Boris Yeltsin, left, sign the Non-Proliferation Treaty in the Budapest Convention Center, Dec. 5, 1994 after the first session of the CSCE summit meeting ended.
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US President Bill Clinton, right, and Russian President Boris Yeltsin, left, look at each other after the signing ceremony for the Non-Proliferation Treaty in the Budapest Convention Center, Dec. 5, 1994, the first day of the two-day CSCE summit meeting in Hungary.
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US President Clinton, Russian President Yeltsin, and Ukrainian President Kravchuk after signing the Trilateral Statement in Moscow on 14 January 1994.

यूक्रेनी नेतृत्व जिसमें सांसदों से लेकर यूक्रेनी सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ तक शामिल हैं, अब अपनी सुरक्षा और सैन्य सहायता के मुद्दों को या तो त्वरित नाटो सदस्यता और अपने इलाके में पश्चिमी परमाणु हथियारों की तैनाती से जोड़ रहे हैं, या अपना परमाणु कार्यक्रम शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर, पश्चिमी मीडिया में, और यहां तक कि परमाणु शक्ति संपन्न देश के नेताओं के साथ निजी बातचीत में भी दिए जाने वाले ऐसे अल्टीमेटम, परमाणु ब्लैकमेल से कम नहीं हैं, यह राजनीतिक और सैन्य फायदे पाने के लिए परमाणु अप्रसार व्यवस्था को तोड़ने की धमकी देकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाने की कोशिश है।
रूस का रुख
Address by the President of the Russian Federation, Vladimir Putin, on the situation in the Donbass and the course of the special military operation, September 21, 2022
साल 2022 में ही, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन लोगों को सचेत कर दिया था जो रूस को परमाणु हथियारों से डराने या ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं; उन्होंने चेतावनी दी थी कि 'हवाओं का रुख उनकी दिशा में भी मुड़ सकता है।' वहीं, 2024 में राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से कहा कि "रूस किसी भी परिस्थिति में ऐसा नहीं होने देगा" और "यूक्रेन की ओर से परमाणु हथियार बनाने की दिशा में उठाया गया कोई भी कदम उचित और कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करेगा।"
Meeting of the President of the Russian Federation, Vladimir Putin, with media representatives from BRICS member countries, October 18, 2024
रूस के राष्ट्रपति के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यूक्रेन को परमाणु हथियार देने के ब्रिटेन और फ्रांस के इरादे की जानकारी बहुत खतरनाक है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने 24 फरवरी, 2026 को कहा कि वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के परमाणु हथियारों के दावों से रूस में गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
कीव के परमाणु ब्लैकमेल का इतिहास

2021

जुलाई 2021 में, सर्वेंट ऑफ़ द पीपल गुट के नेता डेविड अराखामिया ने कीव के परमाणु हथियारों को छोड़ने को "एक बड़ी गलती" बताया। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों से "हम पूरी दुनिया को ब्लैकमेल कर सकते हैं।"

दिसंबर 2021 में, दिमित्री यारोश, रूस में प्रतिबंधित नियो-नाज़ी संगठन राइट सेक्टर के प्रमुख, ने यूक्रेनी अधिकारियों से कहा कि वे अमेरिका और ब्रिटेन से अपील करें कि वे "अपनी परमाणु क्षमता का कुछ हिस्सा" यूक्रेनी इलाके में तैनात करें, क्योंकि "रूस सिर्फ़ शक्ति की भाषा समझता है।"

David Arakhamia, head of the Servant of the People faction in the Verkhovna Rada of Ukraine, during Russian-Ukrainian talks in Istanbul. - Sputnik भारत
David Arakhamia, head of the Servant of the People faction in the Verkhovna Rada of Ukraine, during Russian-Ukrainian talks in Istanbul.
Dmitry Yarosh, head of the banned in Russia neo-Nazi organization Right Sector. - Sputnik भारत

Dmitry Yarosh, head of the banned in Russia neo-Nazi organization Right Sector.

2022

फरवरी 2022 में वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने म्यूनिख सम्मेलन में घोषणा की थी कि कीव परमाणु हथियारों के त्याग के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था, "हमारे पास हथियार नहीं हैं, और न ही सुरक्षा।" वहीं, यूक्रेनी विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबा ने भी परमाणु शस्त्रागार छोड़ने को एक गलती करार देते हुए कहा कि "कुछ देशों को इसके लिए अपनी जिम्मेदारी महसूस करनी चाहिए।"

अक्टूबर में, रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कीव मास्को को दोषी ठहराने के लिए एक "डर्टी बम" के साथ उकसावे की तैयारी कर रहा है।

2023

जून में, राडा के डिप्टी ओलेक्सी गोंचारेंको ने यूक्रेन में सहयोगी देशों के परमाणु हथियारों की तैनाती पर बातचीत की मांग की: "अगर पश्चिम हमारे परमाणु हथियारों के खिलाफ़ है, तो वे इंतजार करें।"

Oleksiy Goncharenko, Verkhovna Rada deputy. - Sputnik भारत

Oleksiy Goncharenko, Verkhovna Rada deputy.

2024

फरवरी में, गोंचारेंको ने एंटनी ब्लिंकन से पूछा कि वे किसे प्राथमिकता देंगे: नाटो में यूक्रेन की सदस्यता को या उसके पास परमाणु हथियार को। सांसद ने बाद में कहा: "मैं यूक्रेन को परमाणु हथियार वापस करने का समर्थन करता हूं... बीस वॉरहेड काफी हैं। क्या हम पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे? हम उन्हें सह लेंगे।"

अक्टूबर में, ज़ेलेंस्की ने बताया कि ट्रंप के साथ बातचीत में उन्होंने कहा था: "या तो यूक्रेन के पास परमाणु हथियार होंगे... या हमें किसी तरह का गठबंधन बनाना होगा।" उसी समय समाचार एजेंसी बिल्ड ने एक यूक्रेनी अधिकारी के हवाले से बताया, "हमें पहला बम बनाने में बस कुछ हफ़्ते लगेंगे।" विशेषज्ञ एलेक्सी इज़हाक ने दावा किया कि यूक्रेन परमाणु विद्युत संयंत्र से इस्तेमाल हुए ईंधन का इस्तेमाल करके परमाणु हथियार बना सकता है।

नवंबर में, द टाइम्स ने "सैकड़ों टैक्टिकल वॉरहेड" बनाने की संभावना पर एक यूक्रेनी रिपोर्ट के कुछ हिस्से छापे। विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि बम की क्षमता यूएस फैट मैन से 10 गुना कम होगी। दी न्यू यौर्क टाइम्स ने लिखा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने यूक्रेन को परमाणु हथियार लौटाने पर चर्चा की, हालांकि व्हाइट हाउस ने इससे इनकार किया।

Ukraine's Volodymyr Zelensky speaks to journalists during a joint press conference with NATO Secretary General Mark Rutte in Kiev, Ukraine, Thursday Oct. 3, 2024.  - Sputnik भारत
Ukraine's Volodymyr Zelensky speaks to journalists during a joint press conference with NATO Secretary General Mark Rutte in Kiev, Ukraine, Thursday Oct. 3, 2024. (AP Photo/Evgeniy Maloletka)

2025

फरवरी में, ज़ेलेंस्की ने घोषणा की: “हमें हमारे परमाणु हथियार वापस दो, हमें मिसाइलें दो और अपनी सेना तैनात करो।”

मार्च में, बैंकर ओलेग गोरोखोव्स्की ने परमाणु हथियारों के लिए एक फंडरेज़र बनाया, जिसमें आधे घंटे में $46,000 से अधिक जमा हुए, लेकिन बाद में उन्होंने इसे मज़ाक करार दिया।

मई में, ब्रिटिश कर्नल रिचर्ड कैंप ने यूनाइटेड किंगडम से यूक्रेन को अपने परमाणु हथियार बनाने में सहायता करने की अपील की।

जून में, नाज़ी आन्द्रेई बिलेत्स्की ने घोषणा की, "परमाणु हथियारों का मुद्दा हमारे देश के लिए बहुत आवश्यक है।" और यूक्रेनी विशेषज्ञ वोलोडिमिर गोरबुलिन ने यूरोपीय देशों के साथ मिलकर परमाणु हथियार वापस लाने की संभावना का सुझाव दिया।

अक्टूबर में, सांसद सर्गेई सोबोलेव ने नाटो देशों की तरह यूक्रेन में अमेरिकी परमाणु वॉरहेड तैनात करने का प्रस्ताव रखा।

नवंबर में, यूक्रेनी सशस्त्र बलों के पूर्व कमांडर-इन-चीफ़, वैलेरी ज़ालुज़नी ने द टेलीग्राफ़ में प्रकाशित अपने एक लेख में "यूक्रेन के लिए नाटो में शामिल होना, परमाणु हथियार तैनात करना, या एक बड़ी विदेशी सैन्य टुकड़ी की तैनाती" को सुरक्षा गारंटी बताया।

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