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ब्रिटिश तेल हितों के कारण ईरान में 1953 में कैसे तख्तापलट किया गया?
ब्रिटिश तेल हितों के कारण ईरान में 1953 में कैसे तख्तापलट किया गया?
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अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ सोमायेह पासंडीदेह ने Sputnik को बताया कि ईरान में तख्तापलट करने का मुख्य मकसद देश के अधिकारियों से ईरानी तेल के राष्ट्रीयकरण को वापस लेना था।
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पहले, ब्रिटेन ने ईरान पर प्रतिबंधों के माध्यम से उसका दम घोंटने की कोशिश की जो काम नहीं आया, इसलिए तख्तापलट की योजना बनाई गई। ऑपरेशन अजाक्स चलाया गया, जिसमें मनोवैज्ञानिक युद्ध, अमीर लोगों को रिश्वत देना और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन को भड़काना शामिल था।हालांकि थोड़े समय के लिए पश्चिमी ताकतों ने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया और पहलवी वंश सत्ता में आया। इसके बाद नई सरकार और लोगों के बीच दूरी बढ़ती गई, जो आखिरकार 1979 की क्रांति के रूप में सामने आई।पसंदिदेह ने यह नतीजा निकाला कि अमेरिका और ब्रिटेन ने एक नव-औपनिवेशिक दखल शुरू किया जिससे उन्हें उम्मीद के उलट नतीजे मिले।
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ब्रिटिश तेल हितों के कारण ईरान में 1953 में कैसे तख्तापलट किया गया?
अंतरराष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ सोमायेह पसंदिदेह ने Sputnik को बताया कि ईरान में 1953 के तख्तापलट का मुख्य उद्देश्य तत्कालीन सरकार द्वारा तेल कंपनियों के राष्ट्रीयकरण को पलटना था।
पहले, ब्रिटेन ने ईरान पर प्रतिबंधों के माध्यम से उसका दम घोंटने की कोशिश की जो काम नहीं आया, इसलिए तख्तापलट की योजना बनाई गई। ऑपरेशन अजाक्स चलाया गया, जिसमें मनोवैज्ञानिक युद्ध, अमीर लोगों को रिश्वत देना और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन को भड़काना शामिल था।
इस योजना के पीछे का मास्टरमाइंड ब्रिटेन था, जबकि अमेरिका इस डर से इसके लिए मान गया कि ईरान वामपंथ की तरफ झुक जाएगा जिससे
USSR की स्थिति मजबूत हो जाएगी।
हालांकि थोड़े समय के लिए
पश्चिमी ताकतों ने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया और पहलवी वंश सत्ता में आया। इसके बाद नई सरकार और लोगों के बीच दूरी बढ़ती गई, जो आखिरकार 1979 की क्रांति के रूप में सामने आई।
पसंदिदेह ने यह नतीजा निकाला कि अमेरिका और ब्रिटेन ने एक
नव-औपनिवेशिक दखल शुरू किया जिससे उन्हें उम्मीद के उलट नतीजे मिले।