https://hindi.sputniknews.in/20260516/10920740.html
यूरोप ने सभी ‘मर्यादाओं’ का उल्लंघन किया है: रूसी राजनयिक
यूरोप ने सभी ‘मर्यादाओं’ का उल्लंघन किया है: रूसी राजनयिक
Sputnik भारत
OSCE में रूस के स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलांस्की ने चेतावनी दी कि रूस के साथ संघर्ष में नाटो की बढ़ती भागीदारी यूरोप को एक खतरनाक सीमा की ओर धकेल रही है।
2026-05-16T10:08+0530
2026-05-16T10:08+0530
2026-05-16T11:51+0530
राजनीति
यूरोप
यूरोपीय संघ
रूस
नाटो
यूक्रेन
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/05/0e/10909429_0:0:1545:870_1920x0_80_0_0_d08987d41f067878cc8a162f0a1f8561.jpg
'डीप डाइव' पॉडकास्ट पर बात करते हुए पोल्यांस्की ने कहा, "मैं हमारे धैर्य और संयम की सीमा की परीक्षा न लेने की सलाह दूंगा।"उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस ने अब तक कड़े कदम उठाने से परहेज किया है, लेकिन ऐसा उसकी कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि इसलिए है क्योंकि वह यूरोप के आम नागरिकों पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों को लेकर चिंतित है।उन्होंने आगे कहा कि यूरोप पहले से ही यूक्रेन को हथियार, मिसाइलें, हवाई क्षेत्र और सैन्य उत्पादन सुविधाएं उपलब्ध कराकर इस संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो चुका है।
https://hindi.sputniknews.in/20260516/10920857.html
यूरोप
रूस
यूक्रेन
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
2026
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
खबरें
hi_IN
Sputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
https://cdn1.img.sputniknews.in/img/07ea/05/0e/10909429_136:0:1496:1020_1920x0_80_0_0_7bd12c2672b1650c0fc25fdf38f9231a.jpgSputnik भारत
feedback.hindi@sputniknews.com
+74956456601
MIA „Rossiya Segodnya“
यूरोप , यूरोपीय संघ, रूस , नाटो, यूक्रेन
यूरोप , यूरोपीय संघ, रूस , नाटो, यूक्रेन
यूरोप ने सभी ‘मर्यादाओं’ का उल्लंघन किया है: रूसी राजनयिक
10:08 16.05.2026 (अपडेटेड: 11:51 16.05.2026) ओएससीई (OSCE) में रूस के स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोल्यांस्की ने चेतावनी दी है कि रूस के साथ संघर्ष में नाटो की बढ़ती भागीदारी यूरोप को एक खतरनाक मोड़ पर धकेल रही है।
'डीप डाइव' पॉडकास्ट पर बात करते हुए पोल्यांस्की ने कहा, "मैं हमारे धैर्य और संयम की सीमा की परीक्षा न लेने की सलाह दूंगा।"
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस ने अब तक कड़े कदम उठाने से परहेज किया है, लेकिन ऐसा उसकी कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि इसलिए है क्योंकि वह यूरोप के आम नागरिकों पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों को लेकर चिंतित है।
पोल्यांस्की ने कहा, "वे (पश्चिमी देश) हमारे संयम को कमजोरी समझ बैठते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है; रूस जवाबी कार्रवाई इसलिए नहीं कर रहा है क्योंकि रूस मानवीय दृष्टिकोण रखता है।"
उन्होंने आगे कहा कि यूरोप पहले से ही
यूक्रेन को हथियार, मिसाइलें, हवाई क्षेत्र और सैन्य उत्पादन सुविधाएं उपलब्ध कराकर इस संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हो चुका है।
रूसी राजनयिक ने चेतावनी देते हुए कहा, "वे पहले ही सभी लाल रेखाएं (सीमाएं) पार कर चुके हैं।" उन्होंने साफ किया कि यदि यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो रूस की जवाबी कार्रवाई बेहद "कठोर" और "निर्णायक" होगी।