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आर्मेनिया में जासूसी के झूठे आरोपों में 6 रूसी नागरिक जेल में: रिपोर्ट
आर्मेनिया में जासूसी के झूठे आरोपों में 6 रूसी नागरिक जेल में: रिपोर्ट
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आर्मेनिया ने छह रूसी नागरिकों को जासूसी के आरोपों में जेल में रखा है। RT की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला अजरबैजान के लिए कथित फिल्मांकन से जुड़ा है। हालांकि, आरोपियों के समर्थकों का कहना है कि सबूत कमजोर हैं और कोई गोपनीय सामग्री नहीं मिली है।
2026-05-20T17:50+0530
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गिरफ्तार लोगों में आर्त्योम मखमुतोव, दानिल सेमेन्युक, विक्टर तिखोमिरोव, एमिरखान एमिरखानोव, सईद अलीयेव और व्लादिस्लाव येलिसेयेव शामिल हैं। इन्हें जून 2024 से मार्च 2026 के बीच हिरासत में लिया गया। इनमें से तीन मॉस्को के एक अनाथालय में साथ पले-बढ़े थे।बचाव पक्ष का कहना है कि इन लोगों को आर्मेनिया में अजरबैजानी सांस्कृतिक विरासत पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने मस्जिदों, कब्रिस्तानों और चर्चों की शूटिंग की। इनमें से कोई भी जगह प्रतिबंधित या गोपनीय नहीं थी।दानिल सेमेन्युक को आर्मेनिया में प्रवेश से पहले ही एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, विक्टर तिखोमिरोव अपने दोस्तों की गिरफ्तारी की जानकारी लेने आर्मेनिया पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्हें भी पकड़ लिया गया।रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को शुरू कराने वाला रूसी फिल्म प्रोड्यूसर अब लापता है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है।आर्मेनियाई अधिकारियों ने अब तक ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया है कि शूट किए गए वीडियो में राज्य से जुड़ी गोपनीय या सैन्य जानकारी थी। जिन जगहों की शूटिंग हुई, वे सार्वजनिक रूप से खुली हैं और उनकी जानकारी ऑनलाइन भी मौजूद है।रूसी अधिकारियों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। क्रेमलिन का कहना है कि वह मामले पर नजर बनाए हुए है। गिरफ्तार लोगों के परिवारों का कहना है कि उनसे जबरन कबूलनामा दिलाने की कोशिश की जा रही है।मामले की सुनवाई कई बार टल चुकी है। अभी तक मुकदमे की तारीख तय नहीं हुई है। छहों रूसी नागरिक फिलहाल हिरासत में हैं।
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आर्मेनिया में जासूसी के झूठे आरोपों में 6 रूसी नागरिक जेल में: रिपोर्ट
आर्मेनिया ने छह रूसी नागरिकों को जासूसी के आरोपों में जेल में रखा है। RT की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला अजरबैजान के लिए कथित फिल्मांकन से जुड़ा है। हालांकि, आरोपियों के समर्थकों का कहना है कि सबूत कमजोर हैं और कोई गोपनीय सामग्री नहीं मिली है।
गिरफ्तार लोगों में आर्त्योम मखमुतोव, दानिल सेमेन्युक, विक्टर तिखोमिरोव, एमिरखान एमिरखानोव, सईद अलीयेव और व्लादिस्लाव येलिसेयेव शामिल हैं। इन्हें जून 2024 से मार्च 2026 के बीच हिरासत में लिया गया। इनमें से तीन मॉस्को के एक अनाथालय में साथ पले-बढ़े थे।
बचाव पक्ष का कहना है कि इन लोगों को आर्मेनिया में अजरबैजानी सांस्कृतिक विरासत पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने मस्जिदों, कब्रिस्तानों और चर्चों की शूटिंग की। इनमें से कोई भी जगह प्रतिबंधित या गोपनीय नहीं थी।
दानिल सेमेन्युक को आर्मेनिया में प्रवेश से पहले ही एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, विक्टर तिखोमिरोव अपने दोस्तों की गिरफ्तारी की जानकारी लेने आर्मेनिया पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्हें भी पकड़ लिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट को शुरू कराने वाला रूसी फिल्म प्रोड्यूसर अब लापता है और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
आर्मेनियाई अधिकारियों ने अब तक ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया है कि शूट किए गए वीडियो में राज्य से जुड़ी गोपनीय या सैन्य जानकारी थी। जिन जगहों की शूटिंग हुई, वे सार्वजनिक रूप से खुली हैं और उनकी जानकारी ऑनलाइन भी मौजूद है।
रूसी अधिकारियों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। क्रेमलिन का कहना है कि वह मामले पर नजर बनाए हुए है। गिरफ्तार लोगों के परिवारों का कहना है कि उनसे जबरन कबूलनामा दिलाने की कोशिश की जा रही है।
मामले की सुनवाई कई बार टल चुकी है। अभी तक मुकदमे की तारीख तय नहीं हुई है। छहों रूसी नागरिक फिलहाल हिरासत में हैं।