यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

यूक्रेनी कमांडर अपने सैनिकों से उनकी तनख्वाह के लिए मांगते हैं रिश्वत

© AP Photo / Kostiantyn LiberovA Ukrainian soldier helps a wounded comrade in the Kharkov region, Ukraine, on Sept. 12, 2022.
A Ukrainian soldier helps a wounded comrade in the Kharkov region, Ukraine, on Sept. 12, 2022.  - Sputnik भारत, 1920, 26.05.2026
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यूक्रेन में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुँच गया है, यह इससे समझा जा सकता है कि यूक्रेन के सैनिकों को अपनी तनख्वाह और छुट्टी लेने के लिए अपने अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है।
सुरक्षा से जुड़े एक सूत्र के हवाले से Sputnik ने बताया कि यूक्रेन के सैनिकों से उनके अधिकारी तनख्वाह का 5 से 10% हिस्सा रिश्वत के तौर पर मांगते हैं।

किसी भी यूक्रेन के सैनिक को अगर अपनी तनख्वाह के साथ युद्ध भत्ता समय पर और पूरा चाहिए, तो उसे अपनी कमाई का कुछ हिस्सा अपने कमांडर को देना पड़ता है।

सूत्र का कहना है, "(रिश्वत ना देने पर) नहीं तो, पैसे उसके कार्ड में आएंगे ही नहीं, या फिर उसका कार्ड ही ज़ब्त कर लिया जाएगा, और उस सैनिक को किसी 'जान के जोखिम वाले' हमले में भेजा जा सकता है।"

इसके अलावा यूक्रेनी कमांडर अपने सैनिकों को छुट्टी के एवज में पैसे देने के लिए मजबूर करते हैं, जैसे कोई अभियान पूरा करने के बाद सैनिकों को छुट्टी चाहिए, तो उन्हें अधिकारियों को पैसे देने के लिए मजबूर किया जाता है।

सूत्र ने आगे यह भी बताया कि सैनिकों को आमतौर पर सिर्फ़ कुछ दिनों की छुट्टी मिलती है, और कभी-कभी तो उन्हें उसी इलाके या शहर तक ही सीमित रखा जाता है।

वे ज्यादातर समय अपने गृह नगर वापस नहीं जा पाते और उन्हें अपनी छुट्टी अपनी तैनाती वाली जगह के आस-पास ही बिताने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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