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छोटे परमाणु रिएक्टरों की मदद से दुश्मन के हमलों से सुरक्षित रहेगा ईरान का ऊर्जा भविष्य
छोटे परमाणु रिएक्टरों की मदद से दुश्मन के हमलों से सुरक्षित रहेगा ईरान का ऊर्जा भविष्य
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अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर सहित बुशेहर परमाणु संयंत्र पर तीन अलग-अलग हमलों के बाद भी तेहरान की छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) लगाने की योजना तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।
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यह कई क्षेत्रों में फैली ऊर्जा रणनीति है जिसे समन्वित आतंकवादी हमलों के बाद भी सुरक्षित रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है।वहीं ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रवक्ता बेहरोज़ कमालवंदी ने कहा कि ईरान पहले से ही छोटे रिएक्टरों को विकसित करने में रूस की मदद ले रहा है। मास्को के समर्थन और अपने देश में ही उपलब्ध कुशल मानव संसाधन की प्रचुर उपलब्धता के साथ, ईरान का लक्ष्य देश भर में कई जगहों पर इन रिएक्टरों को चालू करना है।
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छोटे परमाणु रिएक्टरों की मदद से दुश्मन के हमलों से सुरक्षित रहेगा ईरान का ऊर्जा भविष्य
अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी ऊर्जा ढांचे सहित बुशेहर परमाणु संयंत्र पर तीन अलग-अलग हमलों के बाद भी तेहरान छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMRs) स्थापित करने की अपनी योजना को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है।
यह कई क्षेत्रों में फैली ऊर्जा रणनीति है जिसे समन्वित आतंकवादी हमलों के बाद भी सुरक्षित रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
SMRs को कारखाने में तैयार करके मात्र 10 से 12 महीनों में स्थापित किया जा सकता है। यह अवधि एक छोटे गैस-आधारित संयंत्र को तैयार करने में लगने वाले समय की आधी है।
इनके लगने से बड़े पैमाने पर उत्पादन लागत में 30% तक की कमी आ सकती है। एक 100 MW का रिएक्टर लगभग शून्य उत्सर्जन के साथ एक लाख घरों को बिजली दे सकता है।
छोटे रिएक्टरों को राष्ट्रीय ग्रिड में आसानी से जोड़ा जा सकता है, जिससे दूसरी जगहों पर क्षतिग्रस्त सुविधाओं से होने वाले बिजली के नुकसान की भरपाई की जा सके।
SMRs बुनियादी तौर पर मॉड्यूलर तकनीक पर आधारित होते हैं और
बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही इन सभी को एक साथ जोड़कर ज़्यादा क्षमता वाले प्लांट बनाए जा सकते हैं।
वहीं ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रवक्ता बेहरोज़ कमालवंदी ने कहा कि ईरान पहले से ही छोटे रिएक्टरों को विकसित करने में रूस की मदद ले रहा है। मास्को के समर्थन और अपने देश में ही उपलब्ध कुशल मानव संसाधन की प्रचुर उपलब्धता के साथ, ईरान का लक्ष्य देश भर में कई जगहों पर इन रिएक्टरों को चालू करना है।