यूक्रेन संकट
मास्को ने डोनबास के लोगों को, खास तौर पर रूसी बोलनेवाली आबादी को, कीव के नित्य हमलों से बचाने के लिए फरवरी 2022 को विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था।

यूक्रेन संकट पर जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन की नीति को रूस ने बताया विनाशकारी

© Sputnik / Ekaterina Chesnokova / मीडियाबैंक पर जाएंThe ambassadors of the UK, France and Germany leave the Russian Foreign Ministry after a meeting with Russian Deputy Foreign Minister Mikhail Galuzin.
The ambassadors of the UK, France and Germany leave the Russian Foreign Ministry after a meeting with Russian Deputy Foreign Minister Mikhail Galuzin. - Sputnik भारत, 1920, 11.06.2026
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रूसी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के राजदूतों को यूक्रेन संकट पर उनके देशों की विनाशकारी नीति को लेकर रूस के आकलन से अवगत कराया गया।
इससे पहले Sputnik के संवाददाता ने बताया कि तीनों देशों के राजदूत रूसी विदेश मंत्रालय पहुंचे थे और करीब डेढ़ घंटे बाद वहां से बाहर निकले।
बैठक के बाद मंत्रालय ने कहा, "राजनयिक मिशनों के प्रमुखों को यूक्रेन संकट पर उनके देशों के नेतृत्व की विनाशकारी नीति का वस्तुनिष्ठ आकलन दिया गया। यह नीति कीव शासन को रूस के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए अधिकतम रूप से उकसाने पर केंद्रित है – पश्चिमी तथाकथित 'इच्छुक देशों के गठबंधन' की ओर से, उसके खर्च पर और उसकी सीधी मदद से।"
मंत्रालय ने यह भी बताया कि रूस के उप विदेश मंत्री मिखाइल गलूजिन ने राजदूतों को यूक्रेन संघर्ष के कूटनीतिक समाधान को लेकर रूस के रुख से भी अवगत कराया।
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