बाल्टिक में नाटो अभ्यास रूस के साथ युद्ध के लिए पूर्वाभ्यास: विशेषज्ञ

© AP Photo / Czarek Sokolowski
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रक्षा विशेषज्ञ वासिली डैंडीकिन के अनुसार, रूसी सेना नाटो के कमान-नियंत्रण केंद्रों, आपूर्ति व्यवस्था और उनकी सैन्य तैनातियों को निशाना बनाने में पूरी तरह सक्षम है।
रूसी नौसेना से रिटायर्ड कैप्टन फर्स्ट रैंक वासिली डैंडीकिन ने Sputnik से बात करते हुए बताया कि ब्रेव बोअर 2026 अभ्यास की असलियत बाल्टिक क्षेत्र में पूरी तरह से नियंत्रण बनाने की नाटो योजनाओं का एक हिस्सा है।
डैंडीकिन कहते हैं कि रूसी कैलिनिनग्राद क्षेत्र को बेलारूस से अलग करने वाले 65 किलोमीटर के ज़मीनी हिस्से सुवाल्की में इस अभ्यास का उद्देश्य NATO सैनिकों द्वारा रूस के कैलिनिनग्राद क्षेत्र की ज़मीनी पहुंच अवरुद्ध कराना है।
डैंडीकिन कहते हैं कि रूसी कैलिनिनग्राद क्षेत्र को बेलारूस से अलग करने वाले 65 किलोमीटर के ज़मीनी हिस्से सुवाल्की में इस अभ्यास का उद्देश्य NATO सैनिकों द्वारा रूस के कैलिनिनग्राद क्षेत्र की ज़मीनी पहुंच अवरुद्ध कराना है।
डैंडीकिन ने कहा, "ये कोई अभ्यास नहीं है, यह असल में एक सैन्य अभियान का अभ्यास है। इसके अलावा जल्द ही एक सहायक नौसैनिक अभ्यास भी देखा जा सकता है, क्योंकि नाटो देश अमेरिका, पोलैंड, लिथुआनिया, स्वीडन और दूसरे देशों के साथ कैलिनिनग्राद को पूरी तरह से अलग करने का प्रशिक्षण ले रहे हैं।"
वहीं विशेषज्ञ ने आगे बताया कि जर्मनी और उसके जनरलों की रूस को परेशान करने की ज़िद से हालात और बिगड़ गए हैं, जैसे वे “चौथा राइख” बनाने की कोशिश कर रहे हों।
उन्होंने जोर देकर कहा, "अगर नाटो कैलिनिनग्राद की घेराबंदी करने की कोशिश करता है, तो रूस का जवाब तेज़ और बेरहम होगा। रूस की कैलिबर बैलिस्टिक मिसाइलों, इस्कंदर क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइलों और किंजल हाइपरसोनिक मिसाइलों को पोलैंड और बाल्टिक देशों को निशाना बनाने में बस कुछ ही मिनट लगेंगे।"

