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ड्रोन से निपटने के लिए FPV इंटरसेप्टरों से लैस मोबाइल टीमें तैनात कर रही रूसी सेना
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रूसी सेना यूक्रेनी ड्रोन से निपटने के लिए FPV इंटरसेप्टरों से लैस मोबाइल टीमों को सक्रिय रूप से तैनात कर रही है। रूस के रक्षा मंत्री अंद्रेई बेलोउसॉव ने सैन्य... 29.06.2026, Sputnik भारत
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इस बैठक में अग्रिम मोर्चे पर संचार व्यवस्था, यूक्रेनी ड्रोन से बचाव, नई सैन्य तकनीकों के इस्तेमाल और विशेष सैन्य अभियान क्षेत्र में तैनात इकाइयों की आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।बेलोउसॉव के मुताबिक, ड्रोन के खतरे को देखते हुए रूसी सेना की सभी प्रमुख सैन्य टुकड़ियों में कई परतों वाली ड्रोन-रोधी व्यवस्था तैयार की गई है। वायु रक्षा प्रणाली को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है, क्योंकि मोर्चे पर हालात तेजी से बदल रहे हैं।उन्होंने बताया कि मोर्चे पर तैनात इकाइयों को अब ऐसी डिजिटल सूचना प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, जिससे सैनिकों को मैदान की पूरी तस्वीर मिल सके। यह प्रणाली सामरिक स्तर पर लक्ष्य की पहचान, स्थिति का आकलन और लड़ाई के संचालन में मदद करती है।रूसी रक्षा मंत्री के अनुसार, ड्रोन से मुकाबले की व्यवस्था को अब अलग-अलग साधनों वाली एक संयुक्त वायु रक्षा प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें हर तत्व की अपनी भूमिका है – कहीं लक्ष्य की पहचान की जाती है, कहीं उसे ट्रैक किया जाता है और कहीं उसे नष्ट करने के लिए इंटरसेप्टरों का इस्तेमाल होता है।बेलोउसॉव ने यह भी बताया कि रूसी रक्षा मंत्रालय अग्रिम मोर्चे पर ड्रोन और जमीनी रोबोटिक प्रणालियों से जुड़ी प्रयोगशालाओं को समर्थन दे रहा है। इन प्रयोगशालाओं में नई प्रणालियों को तैयार करने के साथ-साथ मौजूदा उपकरणों को मोर्चे की जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाया जा रहा है।
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ड्रोन से निपटने के लिए FPV इंटरसेप्टरों से लैस मोबाइल टीमें तैनात कर रही रूसी सेना
12:49 29.06.2026 (अपडेटेड: 12:53 29.06.2026) रूसी सेना यूक्रेनी ड्रोन से निपटने के लिए FPV इंटरसेप्टरों से लैस मोबाइल टीमों को सक्रिय रूप से तैनात कर रही है। रूस के रक्षा मंत्री अंद्रेई बेलोउसॉव ने सैन्य संवाददाताओं के साथ बैठक में यह जानकारी दी।
इस बैठक में अग्रिम मोर्चे पर संचार व्यवस्था, यूक्रेनी ड्रोन से बचाव, नई सैन्य तकनीकों के इस्तेमाल और विशेष सैन्य अभियान क्षेत्र में तैनात इकाइयों की आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बेलोउसॉव के मुताबिक, ड्रोन के खतरे को देखते हुए रूसी सेना की सभी प्रमुख सैन्य टुकड़ियों में कई परतों वाली ड्रोन-रोधी व्यवस्था तैयार की गई है। वायु रक्षा प्रणाली को भी लगातार बेहतर किया जा रहा है, क्योंकि मोर्चे पर हालात तेजी से बदल रहे हैं।
रूसी रक्षा मंत्री ने कहा, "स्थिति हर दो-तीन महीने में बदल रही है। सभी सैन्य समूहों में सामरिक इंटरसेप्टरों की कई परतों वाली सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। मोबाइल फायर टीमें, जो मुख्य रूप से FPV इंटरसेप्टरों से लैस हैं, उन्हें हम अभी सक्रिय रूप से अपना रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि मोर्चे पर तैनात इकाइयों को अब ऐसी डिजिटल सूचना प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, जिससे सैनिकों को मैदान की पूरी तस्वीर मिल सके। यह प्रणाली सामरिक स्तर पर लक्ष्य की पहचान, स्थिति का आकलन और लड़ाई के संचालन में मदद करती है।
बेलोउसॉव ने कहा, "हमारे यहां सामरिक स्तर से ही ऐसे सॉफ्टवेयर को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है, जो लक्ष्य की पहचान करने, पूरी स्थिति देखने और लड़ाई को नियंत्रित करने में मदद करता है।"
रूसी रक्षा मंत्री के अनुसार, ड्रोन से मुकाबले की व्यवस्था को अब अलग-अलग साधनों वाली एक संयुक्त वायु रक्षा प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें हर तत्व की अपनी भूमिका है – कहीं लक्ष्य की पहचान की जाती है, कहीं उसे ट्रैक किया जाता है और कहीं उसे नष्ट करने के लिए इंटरसेप्टरों का इस्तेमाल होता है।
बेलोउसॉव ने यह भी बताया कि रूसी रक्षा मंत्रालय अग्रिम मोर्चे पर ड्रोन और जमीनी रोबोटिक प्रणालियों से जुड़ी प्रयोगशालाओं को समर्थन दे रहा है। इन प्रयोगशालाओं में नई प्रणालियों को तैयार करने के साथ-साथ मौजूदा उपकरणों को मोर्चे की जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "जहां तक प्रयोगशालाओं की बात है, लगभग हर बड़ी सैन्य इकाई में, और डिवीजनों में तो निश्चित रूप से, यह काम व्यवस्थित रूप से चल रहा है। इसके अलावा, हम इसे समर्थन भी दे रहे हैं।"