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रूस-चीन नौसैनिक अभ्यास में ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों पर खास जोर
रूस-चीन नौसैनिक अभ्यास में ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों पर खास जोर
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रूस और चीन के संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'नेवल इंटरैक्शन-2026' में इस बार मानवरहित प्रणालियों और ड्रोन-रोधी रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रूस के रियर एडमिरल सर्गेई सिन्को ने सोमवार को यह जानकारी दी।
2026-07-06T14:05+0530
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रूस और चीन का यह वार्षिक समुद्री अभ्यास 6 से 13 जुलाई तक पीले सागर में हो रहा है। इसमें संयुक्त युद्धाभ्यास, पनडुब्बी-रोधी कार्रवाई, खोज और बचाव अभियान तथा संचार अभ्यास सहित कई कार्य शामिल हैं।रियर एडमिरल के मुताबिक, दोनों देशों की नौसेनाएं संकट में फंसी पनडुब्बी के चालक दल को बचाने का अभ्यास भी करेंगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों के लिए कर्मियों को अच्छी ट्रेनिंग और अनुभव है, क्योंकि वे पहले भी कई बार ऐसे अभ्यासों में हिस्सा ले चुके हैं।रियर एडमिरल ने बताया कि अभ्यास के दौरान निर्धारित लक्ष्यों पर तोपों से फायरिंग भी की जाएगी।रूस की ओर से इस अभ्यास में गाइडेड मिसाइल क्रूजर ‘वार्याग’, कार्वेट ‘रेज़्की’, डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी ‘ऊफ़ा’ और बचाव पोत ‘इगोर बेलोउसॉव’ शामिल हैं।चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी ने इस अभ्यास के लिए विध्वंसक पोत ‘अनशान’ और ‘कैफेंग’, फ्रिगेट ‘वूहू’, युआन-क्लास डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी, बहुउद्देशीय आपूर्ति पोत ‘केकेशिली हू’ और बचाव पोत ‘यांगचेंगहू’ तैनात किए हैं।
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रूस-चीन नौसैनिक अभ्यास में ड्रोन और मानवरहित प्रणालियों पर खास जोर
रूस और चीन के संयुक्त नौसैनिक अभ्यास 'नेवल इंटरैक्शन-2026' में इस बार मानवरहित प्रणालियों और ड्रोन-रोधी रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रूस के रियर एडमिरल सर्गेई सिन्को ने सोमवार को यह जानकारी दी।
रूस और चीन का यह वार्षिक समुद्री अभ्यास 6 से 13 जुलाई तक पीले सागर में हो रहा है। इसमें संयुक्त युद्धाभ्यास, पनडुब्बी-रोधी कार्रवाई, खोज और बचाव अभियान तथा संचार अभ्यास सहित कई कार्य शामिल हैं।
सिन्को ने पत्रकारों से कहा, "इस साल के अभ्यास की एक अहम विशेषता मानवरहित प्रणालियों, मानवरहित सतही पोतों और इनके मुकाबले के साधनों का व्यापक इस्तेमाल है।"
रियर एडमिरल के मुताबिक, दोनों देशों की नौसेनाएं संकट में फंसी पनडुब्बी के चालक दल को बचाने का अभ्यास भी करेंगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों के लिए कर्मियों को अच्छी ट्रेनिंग और अनुभव है, क्योंकि वे पहले भी कई बार ऐसे अभ्यासों में हिस्सा ले चुके हैं।
उन्होंने कहा, "यह अभ्यास केवल हवाई खतरों, मानवरहित पोतों और ड्रोन से निपटने तक सीमित नहीं है। इसमें चालक दल के बचाव जैसे बेहद महत्वपूर्ण पहलू पर भी ध्यान दिया जाएगा।"
रियर एडमिरल ने बताया कि अभ्यास के दौरान निर्धारित लक्ष्यों पर तोपों से फायरिंग भी की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा, "यह अभ्यास किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ नहीं है। हम अपने चीनी साझेदारों के साथ संयुक्त कार्रवाई को बेहतर बना रहे हैं और आपसी समझ को मजबूत कर रहे हैं। हर साल हमारा समन्वय और स्पष्ट दिखाई देता है। हम एक-दूसरे को समझते हैं और योजना के स्तर पर ही कई मुद्दों को तेजी से हल कर लेते हैं।"
रूस की ओर से इस अभ्यास में गाइडेड मिसाइल क्रूजर ‘वार्याग’, कार्वेट ‘रेज़्की’, डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी ‘ऊफ़ा’ और बचाव पोत ‘इगोर बेलोउसॉव’ शामिल हैं।
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी ने इस अभ्यास के लिए विध्वंसक पोत ‘अनशान’ और ‘कैफेंग’, फ्रिगेट ‘वूहू’, युआन-क्लास डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी, बहुउद्देशीय आपूर्ति पोत ‘केकेशिली हू’ और बचाव पोत ‘यांगचेंगहू’ तैनात किए हैं।