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होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने पर महीनों से विचार कर रहे थे ट्रम्प: रिपोर्ट
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने पर महीनों से विचार कर रहे थे ट्रम्प: रिपोर्ट
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पिछले कई महीनों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर पारगमन शुल्क लगाने की संभावना पर विचार कर रहे थे। अमेरिकी... 14.07.2026, Sputnik भारत
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ट्रम्प ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका होर्मुज़ जलडमरूमध्य का ‘रक्षक’ बनेगा और इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले माल के मूल्य के 20 प्रतिशत के बराबर भुगतान वसूलेगा। इसके साथ ही उन्होंने ईरानी बंदरगाहों और समुद्री क्षेत्रों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी बहाल करने की भी घोषणा की थी।रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने का विचार पहली बार अप्रैल में सामने आया था। उस समय ट्रम्प ने अपने सहयोगियों से सवाल किया था कि उनका प्रशासन इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करने वाले जहाजों से शुल्क क्यों नहीं वसूल सकता।बताया गया कि ट्रम्प ने ईरान के साथ 60 दिनों की बातचीत के भीतर समझौता नहीं होने की स्थिति में ऐसा शुल्क लगाने की चेतावनी भी दी थी। हालांकि, अपने प्रशासन के भीतर इस प्रस्ताव के विरोध के कारण उन्होंने लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से इसका उल्लेख नहीं किया।रिपोर्ट में कहा गया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जहाजों से शुल्क वसूलने की यह व्यवस्था व्यावहारिक रूप से कैसे लागू की जाएगी। यह भी ज्ञात नहीं है कि वाशिंगटन ने इस प्रस्ताव को लेकर खाड़ी देशों के साथ कोई विचार-विमर्श किया है या नहीं।अमेरिका ने 7 और 8 जुलाई की रात शुरू किए गए अपने सैन्य अभियान के बाद से ईरान पर कई चरणों में हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि ये हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजरानी में ईरान के कथित हस्तक्षेप के जवाब में किए गए।इसके जवाब में तेहरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
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अमेरिका, होर्मुज स्ट्रेट, ईरान, अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध
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होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने पर महीनों से विचार कर रहे थे ट्रम्प: रिपोर्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पिछले कई महीनों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर पारगमन शुल्क लगाने की संभावना पर विचार कर रहे थे। अमेरिकी मीडिया संस्थान सेमाफोर ने मंगलवार को व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी।
ट्रम्प ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका होर्मुज़ जलडमरूमध्य का ‘रक्षक’ बनेगा और इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले माल के मूल्य के 20 प्रतिशत के बराबर भुगतान वसूलेगा। इसके साथ ही उन्होंने ईरानी बंदरगाहों और समुद्री क्षेत्रों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी बहाल करने की भी घोषणा की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले
जहाजों से शुल्क लेने का विचार पहली बार अप्रैल में सामने आया था। उस समय ट्रम्प ने अपने सहयोगियों से सवाल किया था कि उनका प्रशासन इस समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करने वाले जहाजों से शुल्क क्यों नहीं वसूल सकता।
बताया गया कि ट्रम्प ने ईरान के साथ 60 दिनों की बातचीत के भीतर समझौता नहीं होने की स्थिति में ऐसा शुल्क लगाने की चेतावनी भी दी थी। हालांकि, अपने प्रशासन के भीतर इस प्रस्ताव के विरोध के कारण उन्होंने लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से इसका उल्लेख नहीं किया।
रिपोर्ट में कहा गया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जहाजों से शुल्क वसूलने की यह व्यवस्था व्यावहारिक रूप से कैसे लागू की जाएगी। यह भी ज्ञात नहीं है कि वाशिंगटन ने इस प्रस्ताव को लेकर खाड़ी देशों के साथ कोई विचार-विमर्श किया है या नहीं।
अमेरिका ने 7 और 8 जुलाई की रात शुरू किए गए अपने सैन्य अभियान के बाद से ईरान पर कई चरणों में हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि ये हमले होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजरानी में ईरान के कथित हस्तक्षेप के जवाब में किए गए।
इसके जवाब में तेहरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।