ट्रंप ने चीन पर अमेरिकी चुनाव में दखल का आरोप लगाया, चीन ने किया खारिज

© AP Photo / Alex Brandon
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देर रात अपने संबोधन में चीन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजिंग ने अमेरिकी मतदाताओं का डाटा गैर-कानूनी तरीक़े से हासिल किया है, हालांकि चीन ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में बड़ा दावा करते हुए कहा, "चीन ने इतिहास की सबसे बड़ी साइबर सेंध लगाकर अमेरिकी चुनावी डेटा चुराया है। इसके ज़रिए उसने 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं के दस्तावेज़ों को गैर-कानूनी ढंग से हासिल कर लिया।"
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हाल ही में गोपनीय श्रेणी से हटाई गई ख़ुफ़िया जानकारी ने अमेरिकी चुनाव प्रणाली में “चौंकाने वाली कमियों” को भी उजागर किया है, और इसके साथ-साथ उन्होंने इस कथित सेंध को “चुनावी सुरक्षा के लिए एक भयानक संकट” बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "ये सबूत हमारी चुनाव प्रणाली के खतरनाक तरीके से... हैकिंग, उसके दुरुपयोग और विदेशी दखल को उजागर करते हैं।"
इन आरोपों के बाद वाशिंगटन में चीनी दूतावास ने ट्रंप के चुनाव में दखल देने के आरोपों को खारिज कर दिया।
चीनी दूतावास ने कहा, "चीन ने कभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में दखल नहीं दिया है और न ही कभी देगा," और इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिकी चुनाव अमेरिका का अंदरूनी मामला है, जिसका फैसला अमेरिकी मतदाता करते हैं।
