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अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले, तेहरान ने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले, तेहरान ने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
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ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों का नया चरण पूरा किया, जबकि तेहरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। जॉर्डन में हुए ईरानी हमलों से कई अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुंचने की भी खबर है।
2026-07-19T10:40+0530
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि लगातार आठवीं रात की कार्रवाई में ईरान की तटीय सैन्य निगरानी सुविधाओं, वायु रक्षा ठिकानों, समुद्री सैन्य क्षमताओं तथा मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया।वहीं, ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने ईरानी सेना के बयान के हवाले से बताया कि कुवैत में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर दो जवाबी ड्रोन हमले किए गए। इनमें कैंप अल-उदैरी स्थित अमेरिकी थलसेना के गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया।ईरानी सेना के मुताबिक, अली अल-सलेम एयर बेस पर तैनात पैट्रियट प्रणाली के रडार और अमेरिकी हवाई निगरानी रडार पर भी हमला किया गया।रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने बीते पांच दिनों में जॉर्डन स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें देश के पूर्वी हिस्से में स्थित प्रिंस हसन एयर बेस भी शामिल है, जहां अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर तैनात थे। हमलों में पांच तक सैन्यकर्मी घायल हुए हैं।तेहरान और वॉशिंगटन ने 18 जून की रात संघर्ष समाप्त करने से जुड़े एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। इसके बावजूद अमेरिकी सेना ने 8 जुलाई से ईरान पर कई हमले किए।ईरान ने इसके जवाब में पश्चिम एशिया के अलग-अलग देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए और वॉशिंगटन पर संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जुलाई को संघर्षविराम को समाप्त घोषित कर दिया था।
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अमेरिका, ईरान, मध्य पूर्व, डोनाल्ड ट्रंप
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अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हमले, तेहरान ने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान में सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों का नया चरण पूरा किया, जबकि तेहरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। जॉर्डन में हुए ईरानी हमलों से कई अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुंचने की भी खबर है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि लगातार आठवीं रात की कार्रवाई में ईरान की तटीय सैन्य निगरानी सुविधाओं, वायु रक्षा ठिकानों, समुद्री सैन्य क्षमताओं तथा मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया।
CENTCOM ने एक्स पर कहा, "अमेरिकी हमलों की लगातार आठवीं रात के दौरान सेंटकॉम बलों ने ईरान की सैन्य तटीय निगरानी और वायु रक्षा सुविधाओं, समुद्री क्षमताओं तथा मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों पर सफलतापूर्वक हमला किया।"
वहीं, ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने ईरानी सेना के बयान के हवाले से बताया कि कुवैत में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर दो जवाबी ड्रोन हमले किए गए। इनमें कैंप अल-उदैरी स्थित अमेरिकी थलसेना के गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया।
ईरानी सेना के मुताबिक, अली अल-सलेम एयर बेस पर तैनात पैट्रियट प्रणाली के रडार और अमेरिकी हवाई निगरानी रडार पर भी हमला किया गया।
इस बीच, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के हवाले से बताया कि जॉर्डन में अमेरिकी हवाई ठिकानों पर हुए ईरानी हमलों से कई ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त हो गए। एक हेलीकॉप्टर की कीमत करीब 2.1 करोड़ डॉलर बताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने बीते पांच दिनों में जॉर्डन स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें देश के पूर्वी हिस्से में स्थित प्रिंस हसन एयर बेस भी शामिल है, जहां अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर तैनात थे। हमलों में पांच तक सैन्यकर्मी घायल हुए हैं।
तेहरान और वॉशिंगटन ने 18 जून की रात संघर्ष समाप्त करने से जुड़े एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। इसके बावजूद अमेरिकी सेना ने 8 जुलाई से ईरान पर कई हमले किए।
ईरान ने इसके जवाब में पश्चिम एशिया के अलग-अलग देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए और वॉशिंगटन पर संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जुलाई को संघर्षविराम को समाप्त घोषित कर दिया था।