अवैध अमेरिकी हमलों के खिलाफ आत्मरक्षा के लिए हर मुमकिन कदम उठाएगा ईरान: विदेश मंत्रालय
10:07 02.08.2026 (अपडेटेड: 11:24 02.08.2026)

© AP Photo / Ebrahim Noroozi
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ईरान अमेरिकी धमकियों, अवैध हमलों और समुद्री दबाव का विरोध करना जारी रखेगा, विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा।
बयान के मुख्य बिंदु:
मंत्रालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने 18 जून के युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी जारी है, ईरानी बंदरगाहों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है, और आर्थिक दबाव के साथ अवैध धमकियां दी जा रही हैं।
अमेरिका द्वारा नौसैनिक नाकाबंदी को 'आक्रमण के कृत्य' का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ईरान पर सैन्य और गैर-सैन्य लक्ष्यों, नागरिक बुनियादी ढांचे और ईरानी नागरिकों पर अमेरिकी हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन करते हैं।
ईरान अमेरिकी हमलों के जवाब में जो भी रक्षात्मक कदम उठाएगा, उसे "किसी भी स्थिति में क्षेत्रीय देशों पर ईरान की तरफ से किया गया हमला नहीं माना जा सकता।"
"अमेरिका और उसके कुछ क्षेत्रीय सहयोगियों द्वारा असुरक्षित व अनधिकृत दक्षिणी मार्ग से जहाजों को गुजारने की जिद न केवल समझौते के अनुच्छेद 5 को खत्म करने और ईरान द्वारा अपने दायित्वों की पूर्ति में बाधा डालने के उद्देश्य से थी, बल्कि असल में यह सब उनकी सैन्य गतिविधियों को छिपाने का एक बहाना था।"
मंत्रालय ने साफ किया कि ईरान अपनी राष्ट्रीय स्वतंत्रता, संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए अमेरिका-इजरायल के आक्रामक गठबंधन का पूरी ताकत से मुकाबला करना जारी रखेगा।
