उत्तर कोरिया ने अमेरिकी 'साइबर हमले' के दावों को बताया राजनीति से प्रेरित दुष्प्रचार
10:22 04.08.2026 (अपडेटेड: 11:45 04.08.2026)

© AP Photo / Susan Walsh
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उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने कथित साइबर हमले के बारे में अमेरिका की 'संयुक्त चेतावनी' को देश की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से लगाया गया एक 'पारंपरिक राजनीतिक आरोप' बताकर खारिज कर दिया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका साइबरस्पेस को टकराव के एक और क्षेत्र में बदलने की कोशिश कर रहा है, जबकि अपने स्वयं के साइबर सैन्यीकरण को 'रक्षा' के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को घेरते हुए उसकी सैन्य गतिविधियों की ओर इशारा किया। मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिका खुद दुनिया की पहली समर्पित साइबर कमांड बना चुका है, 'साइबर फ्लैग' जैसे हैकिंग अभ्यासों को अंजाम दे रहा है और साइबर युद्ध से जुड़े अपने हथियारों व बुनियादी ढांचे को आक्रामक रूप से बढ़ा रहा है।
उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को घेरते हुए उसकी सैन्य गतिविधियों की ओर इशारा किया। मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिका खुद दुनिया की पहली समर्पित साइबर कमांड बना चुका है, 'साइबर फ्लैग' जैसे हैकिंग अभ्यासों को अंजाम दे रहा है और साइबर युद्ध से जुड़े अपने हथियारों व बुनियादी ढांचे को आक्रामक रूप से बढ़ा रहा है।
"अमेरिका, जिसने साइबरस्पेस के मूल संसाधनों पर एकाधिकार करके दुनिया की सबसे बड़ी साइबर सेना खड़ी की और उसका संचालन करता है, अन्य देशों से 'साइबर खतरे' की बात करता है। यह बेतुका है और यह संप्रभु राज्यों पर दबाव डालने की अपनी अवैध नीति को सही ठहराने का एक बहाना मात्र है," मंत्रालय ने जोर देकर कहा।
उत्तर कोरिया ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों को 'साइबर सुरक्षा' के मुद्दे का इस्तेमाल करने की इजाजत कभी नहीं देगा। वह इसे अपने ख़िलाफ़ दबाव बनाने, प्रतिबंध थोपने या राजनीतिक ब्लैकमेल का नया जरिया नहीं बनने देगा।
